पीथमपुर। औद्योगिक क्षेत्र स्मार्ट इंडस्ट्रियल पार्क स्थित फ्रिस्कोन पॉलीकेब प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में बुधवार को एक दर्दनाक हादसे में मजदूर की मौत हो गई। मृतक की पहचान 36 वर्षीय सुरेंद्र सिंह के रूप में हुई है, जो गोविंद सिंह गहलोत का बेटा था। सुबह करीब 9 बजे वह कंपनी पहुंचा था, लेकिन काम शुरू करने के कुछ समय बाद ही उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई।
बताया जा रहा है कि जब सुरेंद्र को बेचैनी महसूस हुई और उसकी हालत खराब होने लगी, तब उसने कंपनी प्रबंधन को इसकी जानकारी दी। लेकिन प्रबंधन की ओर से समय पर कोई उचित इलाज या मेडिकल सहायता नहीं दी गई। हालात बिगड़ने पर खुद सुरेंद्र ने अपने परिजनों को फोन कर अपनी स्थिति बताई।
परिजनों का आरोप – लापरवाही बनी मौत की वजह
परिजनों के अनुसार, जब वे कंपनी पहुंचे तो सुरेंद्र को अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक बहुत देर हो चुकी थी। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इस खबर से परिजनों में आक्रोश फैल गया और उन्होंने कंपनी के गेट पर शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान महिलाओं ने गेट तोड़ने की भी कोशिश की और जमकर नारेबाजी की गई।
मृतक के परिवार का साफ कहना है कि सुरेंद्र की मौत कंपनी प्रबंधन की लापरवाही की वजह से हुई है। उन्हें समय पर इलाज नहीं मिला, जिससे जान चली गई। परिजन मुआवजे की मांग कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ उचित कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौके पर एकत्रित हो गए और धरना प्रदर्शन करते हुए कंपनी की जवाबदेही तय करने की बात कही।
मजदूरों में आक्रोश - प्रशासन और पुलिस मौके पर तैनात
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाइश देने की कोशिश की जा रही है। हालात को देखते हुए कंपनी गेट के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी है। खबर लिखे जाने तक श्रमिक और मैनेजमेंट में बात नहीं बनी है।
मजदूर संघ के सदस्यों ने बताया कि यह हादसा केवल एक व्यक्ति की मौत का नहीं है, बल्कि फैक्ट्रियों में काम कर रहे मजदूरों की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर बड़ी लापरवाही का प्रतीक बन गया है। श्रमिकों का कहना है कि कई बार अंदर तबीयत बिगड़ने पर इलाज मिलने में देरी होती है, और कंपनी का प्रबंधन उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं लेता।
