छुरिया। छुरिया नगर पंचायत में शासकीय, राजस्व व वनभूमि पर कब्जा करके मकान दुकान भवन बनाकर उसे बेच कर लाखों रूपये की कमाई करने का व्यापार बहुत जोरशोर से चल रहा है। इस बात से इंकार नहीं किया जा सकता कि से सब मिली भगत से चल रहा है।जैसा कि कुछ दिनों पहले एक व्यक्ति द्वारा शासकीय जमीन जिसका खसरा नं. 477 है, पर अवैध कब्जा करके शापिंग काम्पलेक्स की 4 दुकानें बनाकर उसे बेचने का मामला पता चला तो उस पर स्थगन आदेश लग गया कुछ वर्षों से शापिंग काम्पलेक्स का कार्य रूक गया लेकिन फिर अचानक से उसी शापिंग काम्पलेक्स में रात को शटर लगाने का काम फिर से शुरू हो गया था जिसकी शिकायत की गई तब आनन फानन में शटर लगाने का काम रूका शासन प्रशासन को ध्यान दिलाओ तब कार्यवाही होती है एैसा लगने लगा है आम आदमी को।

दूसरा मामला यह है कि श्रीमान तहसीलदार महोदय छुरिया के समक्ष नगर पंचायत छुरिया के एक आम नागरिक जसीम कुरैशी पिता जमील कुरैशी ने छुरिया के ही निवासी राजकुमार बर्वे पिता विश्वनाथ बर्वे ने नगर पंचायत छुरिया, पहन. 20, रानिम. छुरिया, जिला राजनांदगांव (छ.ग.) में स्थित छोटे झाड़ के जंगल भूमि ख.न. 407 में सरकारी कुआ है एवं शासकीय मद की घास भूमि पर अवैध कब्जा कर लिया गया है और मकान का निर्माण किया जा रहा है एवं छोटे झाड के जंगल ख.न. 407 की भूमि व शासकीय मद की घास भूमि पर किये गए अवैध कब्जा से शासन को लाखों रूपये की नुकसान हो रहा है जिसकी पूर्ति हेतु राजकुमार बर्वे पिता विश्वनाथ बर्वे को अवैध रूप से काबिज भूमि पर से बेदखल किया जाना न्यायहित में न्यायोचित एवं आवश्यक है। अवैध रूप से काबिज शासकीय भूमि पर से कब्जा हटाये जाने बाबत एवं अवैधानिक निर्माण पर तत्काल रोक लगाये जाने हेतु आवेदन दिनांक 30.06.2025 को दिया और पटवारी ने कोटवार के साथ जाकर मौके पर जाकर निरीक्षण किया एवं शिकायत को सही पाकर अपना पटवारी प्रतिवेदन भी श्रीमान तहसीलदार छुरिया को पेश किया है कि राजकुमार बर्वे पिता विश्वनाथ बर्वे द्वारा छोटे झाड के जंगल ख. न. 407 की भूमि व शासकीय मद की घास भूमि पर किये जा रहे मकान निर्माण को तत्काल रोके जाने एवं बेदखल किये जाने का आदेश प्रदान हो।जैसा जसीम कुरैशी पिता जमील कुरैशी के अनुसार आज एक सप्ताह बीत जाने के बावजूद अवैध कब्जाधारी पर किसी प्रकार की कोई कार्यवाही नहीं हुई है और न मकान निर्माण का कार्य रूका है। आखिर मकान निर्माण को तत्काल रोके जाने एवं बेदखल किये जाने में इतनी देर क्यों हो रही है यह समझ में नहीं आ रहा है आखिर शासन प्रशासन क्या कर रहा है क्या कोई कानूनी समस्या आ रही है या अवैध कब्जाधारी पर कोई कार्यवाही होगी कि नहीं या फिर मामला पूरी तरह से बंद हो जायेगा। फिर भी देखना होगा कि मकान निर्माण को तत्काल रोक कर बेदखल किया जाता है या नहीं।
