तीज एवं चतुर्थी को लेकर बाजार हुआ फिर से गुलजार, बिकने लगी भगवान की प्रतिमाए

हम बात कर रहे हैं जिला कोरबा की जहां बाजारों में फिर एक बार रौनक आई हुई है यह रौनक तीजा एवं चतुर्थी के पावन पर्व को लेकर दिखाई पड़ रहा है जहां मार्केट में तीज त्यौहार और यह पावन पर्व जिस पर साड़ी एवं स्वर्ण भूषण के साथ-साथ मिट्टी के बैल के जोड़ों को लेकर मार्केट सजा धजा जा दिख रहा है। पौराणिक कथाओं के अनुसार छत्तीसगढ़ मैं सर्वप्रथम हरेली त्योहार जिसमें कृषि के सारे उपकरण को दो करके साफ सफाई करके उनको अंदर घर में रख दिया जाता है लेकिन कृषि उपकरण में बैल के जोड़े की मान्यता कुछ सराहनी है जो की बैल के जोड़ों को नहला-धुला कर अंदर रखा तो जाता था पर उनकी पूजा अर्चना पोला पर्व को किया जाता था जिसे छत्तीसगढ़ में तीजा पोरा त्यौहार के नाम से जाना जाता है ।Example Image

मार्केट में आदि संस्कृति को लेकर फिर एक बार हस्तकला एवं उद्योग में प्रचलित बैल की जोड़ों के साथ मिट्टी के अनेक खिलौने के मांग फिर मार्केट में जाग उठी है दूसरी तरफ गणेश चतुर्थी के पर्व को लेकर गणेश की प्रतिमाएं भी मार्केट में सजी हुई है।Example Image

गणेश की प्रतिमाओं जो की कोरबा की मुख्य सड़कों से लेकर ग्रामीण अंचलों तक दिखाई दे रहा है यह त्यौहार एक मानव जाती को सभी बिघ्न बाधा को दूर करने की मनोकामना करते हुए भक्तों में आशा के साथ उमंग लिए बहुत ही सुंदर पर्व माना जाता है भगवान गणेश को चतुर्थी से लेकर अनंत चौदस विराजमान कर फिर विसर्जन के लिए ले जाया जाएगा यह त्यौहार इस बार अगस्त माह के 27 तारीख से लेकर 7 तारीख का चलेगा या त्योहार जिला में फिर एक बार आनंद और धूम की बरसात कर मन को उत्साहित करेगी।

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