कलेक्टर जन्मेजय महोबे के निर्देशन में जिले में धरती आबा जनजातीय उत्कर्ष अभियान की प्रभावशाली शुरुआत बलौदा विकासखंड के ग्राम करमा व खारी, और अकलतरा विकासखंड के ग्राम पंचायत परसाही (नाला) से हुई। अभियान के अंतर्गत ग्रामीणों और जनजातीय समुदाय की समस्याओं का मौके पर निराकरण करते हुए उन्हें विभिन्न शासकीय योजनाओं का सीधा लाभ प्रदान किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य जनजातीय समुदाय को आत्मनिर्भर बनाना, उन्हें शासकीय योजनाओं से जोड़ना और प्रशासन की सक्रियता को गाँव-गाँव तक पहुँचाना रहा। ग्राम करमा में आयोजित शिविर में 95 आवेदन प्राप्त हुए, जबकि परसाही (नाला) शिविर में 53 आवेदन पंजीकृत किए गए। सभी आवेदनों का मौके पर ही विभागीय टीमों द्वारा निराकरण किया गया।
शिविर में उपस्थित जनप्रतिनिधियों, विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने पीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत कार्ड, राशन कार्ड, जाति व निवास प्रमाण पत्र, केसीसी, जनधन खाता, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, बैंक बीमा योजनाएं, पेंशन योजनाएं, मनरेगा, पीएम विश्वकर्मा योजना, मुद्रा ऋण, आईसीडीएस, टीकाकरण, एवं महिला-बाल कल्याण योजनाओं की जानकारी दी और लाभ भी उपलब्ध कराए। कई पात्र हितग्राहियों को आवास की चाबियाँ भी सौंपी गईं।
जनजातीय ग्रामीणों ने प्रशासन के इस समर्पित प्रयास की खुले दिल से सराहना की और भविष्य में भी ऐसे शिविरों की अपेक्षा जताई।
अगले चरण में शिविर: 18 जून को होंगे आयोजन
बम्हनीडीह विकासखंड के ग्राम पूछेली (दुर्गा चौक, आंगनबाड़ी के पास)
नवागढ़ विकासखंड के ग्राम गाड़ापाली (माता चौरा चौक)
बलौदा विकासखंड के ग्राम छीतापाली (रंगमंच, गांधी चौक के पास)
इन ग्रामों में 18 जून 2025 को समाधान शिविरों का आयोजन होगा, जिनमें पुनः जनजातीय समुदाय और ग्रामीणों की समस्याओं का समाधान और योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया जाएगा।
धरती आबा" अभियान के माध्यम से शासन की योजनाएं अब कागज़ों से निकलकर ज़मीन पर, जन-जन तक पहुँच रही हैं। इस अभियान ने जनजातीय सशक्तिकरण की दिशा में नए कीर्तिमान स्थापित करने की ओर कदम बढ़ा दिया है।
