वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने नेशनल हाइवे और जिले के चार प्रमुख टोल प्लाजा अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक ली। बैठक का मुख्य उद्देश्य हाइवे पर मवेशियों की बढ़ती आवाजाही, दुर्घटनाओं की रोकथाम और सड़क सुरक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाना रहा।
बैठक में लिए गए प्रमुख निर्णय –
हाइवे पर घूम रहे मवेशियों को हटाने हेतु इमरजेंसी टीम गठित करने के निर्देश।
काऊ कैचर वाहनों के जरिये मवेशियों को शीघ्र हटाने पर जोर।
1033 पेट्रोलिंग यूनिट को सक्रिय कर ब्लैक स्पॉट की पहचान और तत्काल कार्रवाई।
मवेशियों के घायल होने पर तुरंत उपचार व गौशाला में शिफ्टिंग की व्यवस्था।
हाइवे किनारे खड़े भारी वाहनों के लिए तय स्थान पर बोर्ड लगाने की बात।
आईटीएमएस की मदद से अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई के निर्देश।
स्पीड डिटेक्टर कैमरों से तेज रफ्तार वाहनों पर निगरानी।
गंभीर चेतावनी –
एसएसपी ने स्पष्ट किया कि यदि कोई मवेशी सड़क पर खुला घूमता मिला और उससे दुर्घटना हुई, तो मालिक को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।
सीसीटीवी और वॉलंटियर तैनाती पर चर्चा –
मवेशियों के ब्लैक स्पॉट पर सीसीटीवी कैमरे और सहायक वॉलंटियर तैनात करने की योजना बनाई गई है ताकि तत्काल सूचना मिलते ही कार्रवाई हो सके।
पशु कल्याण और एंबुलेंस सुविधा पर विशेष जोर –
बैठक में घायल मवेशियों के उपचार के लिए पशु कल्याण समिति व गौ माता सेवा समिति के साथ समन्वय की बात की गई। हेल्पलाइन 103 को अधिक सक्रिय करने के निर्देश भी दिए गए।
अंत में यातायात पुलिस द्वारा आम जनता से अपील की गई कि सभी नागरिक यातायात नियमों का पालन करें और सड़क सुरक्षा में अपना योगदान दें। बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामगोपाल करियारे, एनएचएआई डिप्टी डायरेक्टर राजेश्वर, टोल प्रबंधकगण समेत सभी संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
