बस्तर की सुरक्षा सर्वोपरि, संदिग्धों की जांच कानूनन जरूरी – सांसद महेश कश्यप का बड़ा बयान

जगदलपुर, 17 जुलाई 2025: कोंडागांव ज़िले में 9 संदिग्ध व्यक्तियों को हिरासत में लिए जाने को लेकर जारी सियासी बयानबाज़ी पर बस्तर लोकसभा क्षेत्र के सांसद महेश कश्यप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि यह मुद्दा राजनीति से ज्यादा बस्तर की सुरक्षा, अस्मिता और संवैधानिक व्यवस्था से जुड़ा हुआ है, जिसे नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता।

 

सांसद कश्यप ने स्पष्ट किया कि बस्तर पांचवीं अनुसूची क्षेत्र है, जहाँ आदिवासी समाज की संस्कृति, परंपरा और पहचान की संवैधानिक सुरक्षा सुनिश्चित की गई है। ऐसे में बाहरी तत्वों की अवैध घुसपैठ और फर्जी दस्तावेजों के माध्यम से क्षेत्र में सक्रिय होना स्थानीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा है।

 उन्होंने दावा किया कि बस्तर और छत्तीसगढ़ में बांग्लादेश और म्यांमार जैसे देशों से आए घुसपैठिए फर्जी दस्तावेज बनवाकर देशभर में घूमते हैं और अपराधों में संलिप्त पाए गए हैं।

 

टीएमसी सांसदों द्वारा लगाए गए आरोपों को खारिज करते हुए सांसद कश्यप ने कहा

 

संदिग्धों की जांच करना कानूनन उचित है। इससे पहले कि टीएमसी सांसद झूठे आरोप लगाएं, उन्हें पश्चिम बंगाल में हो रही बांग्लादेशी घुसपैठ पर जवाब देना चाहिए।"

कश्यप ने एक हालिया घटना का भी हवाला दिया, जिसमें पश्चिम बंगाल से आए कुछ युवकों ने कोंडागांव में एक आदिवासी युवती से छेड़छाड़ की कोशिश की थी। उन्होंने इसे बस्तर की अस्मिता पर सीधा हमला बताया।

अंत में उन्होंने दो टूक कहा कि

 बस्तर की सुरक्षा और अस्मिता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी को भी राजनीतिक लाभ के लिए सुरक्षा मुद्दों पर राजनीति नहीं करने दी जाएगी।"

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