राष्ट्र के लिये मध्यस्थता, अभियान के तहत कोरबा में न्यायाधीशों की द्वितीय बैठक सम्पन्न

राष्ट्रीय मध्यस्थता अभियान (01 जुलाई से 30 सितंबर 2025 तक) के अंतर्गत "राष्ट्र के लिये मध्यस्थता" विशेष पहल के तहत माननीय प्रधान जिला न्यायाधीश श्री एस. शर्मा, अध्यक्ष – जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोरबा की अध्यक्षता में द्वितीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समस्त न्यायाधीशगण एवं सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उपस्थित रहे।

 

बैठक में मध्यस्थता की प्रक्रिया को बढ़ावा देने पर चर्चा हुई, जिसमें वैवाहिक विवाद, दुर्घटना दावे, घरेलू हिंसा, चेक बाउंस, वाणिज्यिक विवाद, उपभोक्ता मामले, सेवा विवाद, ऋण वसूली और भूमि अधिग्रहण जैसे प्रकरणों को मध्यस्थता हेतु चिन्हांकित करने पर ज़ोर दिया गया।

 

प्रधान जिला न्यायाधीश श्री शर्मा ने कहा कि मध्यस्थता एक सहज, त्वरित और विश्वासपूर्ण प्रक्रिया है, जिससे लम्बित मामलों की संख्या घटाई जा सकती है और पक्षकारों को संतोषजनक समाधान मिल सकता है। यह अभियान न्यायालय से बाहर समाधान को प्रोत्साहित करने तथा जन-जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक सशक्त प्रयास है।

 

बैठक में मध्यस्थता केंद्रों की भूमिका, मामलों की पहचान और प्रचार-प्रसार को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। न्यायाधीशों को अधिक से अधिक प्रकरण मध्यस्थता हेतु चिन्हित करने तथा अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए।

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