अरनोद में मूसलाधार बारिश से हाहाकार नदी-नाले उफान पर, रास्ते ठप,फसलें डूबीं, कच्चे मकान गिरे

अरनोद में मूसलाधार बारिश से हाहाकार

नदी-नाले उफान पर, रास्ते ठप,फसलें डूबीं, कच्चे मकान गिरे

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अरनोद उपखंड क्षेत्र गुरुवार को मूसलाधार बारिश से बेहाल हो गया। सुबह से जारी तेज बरसात के चलते नदी-नालों में उफान आ गये और कई मार्ग पूरी तरह से बंद हो गए। ग्रामीण इलाकों में हालात इतने खराब हो गए कि लोग घरों में कैद होकर रह गए।Uploaded Image

 

अरनोद जाजली मार्ग व नौंगांवा भाऊगढ़ मार्ग पर पड़ुनी गांव की पुलिया पर पानी चढ़ जाने से आवागमन पूरी तरह बंद हो गया। कई ग्रामीण जरूरी कामों से निकलने ही वाले थे लेकिन पुलिया पर उफान देखकर वापस लौटना पड़ा। कई अन्य छोटे रास्तों पर भी पानी भर जाने से गांवों का आपस में संपर्क टूट गया।Uploaded Image

 

 फसलें जलमग्न, किसान निराश

 

बारिश का पानी खेतों में भर गया है, जिससे सोयाबीन, मक्का और उड़द जैसी फसलें जलमग्न हो गई हैं। किसानों का कहना है कि अब फसल बचने की उम्मीद बहुत कम है। किसान लाल ने बताया कि बारिश का पानी खेतों में 2-2 फीट तक भर गया है, जिससे पूरी मेहनत और लागत डूबने लगी है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि खेतों का सर्वे कर किसानों को नुकसान का मुआवजा दिया जाए।Uploaded Image

 

लगातार बारिश से कई कच्चे मकान और दीवारें गिर गईं। गरीब परिवारों के बर्तन, कपड़े और अनाज मलबे में दब गए। कुछ परिवारों को मजबूर होकर रिश्तेदारों के घर शरण लेनी पड़ी। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता और राहत सामग्री की गुहार लगाई है।

 

ग्रामीण शंकरलाल ने बताया कि बच्चों को स्कूल जाना मुश्किल हो गया है और लोग घरों से बाहर भी नहीं निकल पा रहे। वहीं महिलाएं पीने के पानी और चूल्हा-चौका करने में बेहद परेशान हैं। दुकानदारों का कहना है कि बाजारों में भी ग्राहकी पूरी तरह ठप हो गई है।

 

तहसीलदार नितिन मेरावत ने कहा कि प्रशासन लगातार हालात पर नजर रख रहा है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी स्थिति में नदी-नालों और पुल-पुलियों को पार करने की कोशिश न करें। उन्होंने बताया कि आपात स्थिति में राहत दल तैयार हैं और जरूरतमंदों को हरसंभव मदद दी जाएगी।

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