प्रतापगढ़
लालसोट प्रकरण को लेकर अरनोद में राजस्व सेवा परिषद का धरना
दोषियों की गिरफ्तारी व सरकारी कार्मिकों की सुरक्षा की उठी मांग
लालसोट प्रकरण के विरोध में राजस्थान राजस्व सेवा परिषद की ओर से सोमवार को उपखंड कार्यालय अरनोद के बाहर शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन किया गया।
इस दौरान पदाधिकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आन्दोलन वकील बनाम तहसीलदार अथवा बार एसोसिएशन बनाम राजस्व कार्मिक नहीं है, बल्कि केवल उन दोषी व्यक्तियों की गिरफ्तारी एवं कार्रवाई की मांग को लेकर है, जिन्होंने तहसीलदार कक्ष में घुसकर तहसीलदार एवं अन्य राजस्व कार्मिकों के साथ अभद्र एवं अमानवीय व्यवहार किया था।परिषद पदाधिकारियों ने कहा कि यदि किसी विधिक पेशेवर द्वारा अमर्यादित आचरण किया जाता है तो यह न केवल अधिवक्ता पेशे की गरिमा को ठेस पहुँचाता है, बल्कि राजस्व न्यायालय एवं अधिवक्ताओं के मधुर संबंधों को भी प्रभावित करता है। यह आन्दोलन किसी व्यक्ति, संस्था अथवा अधिवक्ता बिरादरी के खिलाफ नहीं है, बल्कि न्याय एवं सरकारी कार्मिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने हेतु है।
धरना स्थल पर तहसीलदार एवं नायब तहसीलदार, राजस्थान गिरदावर संघ के पदाधिकारी, राजस्थान पटवार संघ के पदाधिकारी, पटवारीगण तथा राजस्व मंत्रालयिक कर्मचारी संघ के प्रतिनिधि मौजूद रहे। इन सभी संगठनों ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए दोषियों पर कठोर कार्यवाही की मांग का समर्थन किया।इसके अलावा राजस्थान प्रशासनिक सेवा परिषद एवं अन्य संगठनों ने भी इस घटना की भर्त्सना करते हुए समर्थन पत्र जारी किए हैं। परिषद ने दोहराया कि निर्दोष पर कोई कार्रवाई न हो, परंतु दोषियों को भी अनुचित संरक्षण नहीं दिया जाए।परिषद ने चेतावनी दी कि यह शांतिपूर्ण आन्दोलन तब तक जारी रहेगा जब तक कि प्रकरण में न्यायोचित कार्यवाही सुनिश्चित नहीं होती और राज्य सरकार भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने हेतु ठोस कदम नहीं उठाती।धरने के दौरान तहसीलदार नितिन मेरावत भी मौजूद रहे।
तहसीलदार अरनोद
