कोंडागांव, 16 जुलाई 2025 — कोंडागांव की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक धरोहर मानी जाने वाली कालीबाड़ी समिति की वार्षिक बैठक बड़े ही श्रद्धापूर्वक एवं उत्साह के वातावरण में सम्पन्न हुई। यह बैठक आगामी दुर्गा पूजा 2025 की रूपरेखा तय करने एवं तैयारियों को गति देने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
बैठक की शुरुआत सावन के पवित्र माह में भगवान शिव और माँ काली के जयकारों के साथ की गई, जिसने समस्त वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत कर दिया। बैठक में कालीबाड़ी समिति के सभी सक्रिय सदस्य, वरिष्ठजन एवं शहर के गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
विस्तृत चर्चा एवं विचार-विमर्श
इस महत्वपूर्ण बैठक में कुल 18 बिंदुओं पर गहन एवं रचनात्मक चर्चा की गई, जिनमें मुख्य रूप से शामिल थे:
पूजा पंडाल की डिज़ाइन एवं निर्माण योजना
सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन
विसर्जन एवं शोभायात्रा की व्यवस्था
स्वच्छता एवं सुरक्षा प्रबंधन
युवा एवं महिला विंग की सक्रिय भागीदारी
आमजन से जुड़ाव एवं सामाजिक समरसता के प्रयास
समिति ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया कि इस वर्ष की दुर्गा पूजा को न केवल धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से समृद्ध, बल्कि समाज को जोड़ने वाला एक प्रेरणादायक आयोजन बनाया जाएगा।
अध्यक्ष का मार्गदर्शन
कालीबाड़ी समिति के अध्यक्ष प्रहलाद शील जी ने बैठक का कुशल संचालन करते हुए आगामी कार्ययोजना की रूपरेखा प्रस्तुत की। उन्होंने सभी सदस्यों से सहयोग और समर्पण की अपेक्षा रखते हुए, कार्यों के बेहतर क्रियान्वयन हेतु महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा:
> "दुर्गा पूजा सिर्फ एक पर्व नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, एकता और सामाजिक चेतना का प्रतीक है। सभी मिलकर इसे एक प्रेरणास्रोत बनाएँ।"
गणमान्य नागरिकों की सहभागिता
बैठक में शहर के अनेक सम्माननीय नागरिक एवं वरिष्ठ सदस्य उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:
डॉ. राजाराम त्रिपाठी, महेंद्र यदु, सीतानाथ स्वर्णकार, वीरेंद्र नाथ साहा, हितेन घोष, रामकृष्ण धर, बादल कर्मकार, प्रतुल कुमार सेन, मधुसुदन दास, निखिल अधिकारी, गजेंद्र शाक्य, अनिमेष विश्वास, पी. के. राय, विश्वजीत साहा, अमित साहा, ध्रुवा विश्वास, महादेव साहा, आशीष मजूमदार, गोविन्द पाल, नितीश मुखर्जी, कन्हाई राय, समीर नाथ, सुकुमार साहा, गोविन्द चक्रवर्ती, अशोक साहा, संदीप साहा, राम मंडल, विभूति मंडल, अमल बेनर्जी सहित अन्य सक्रिय सदस्यगण भी उपस्थित रहे।
सभी ने एकमत होकर कहा कि दुर्गा पूजा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाजिक एकता, सांस्कृतिक जागरूकता और सेवा भावना का पर्व है। सभी सदस्यों ने मिलकर इसे एक प्रेरणादायक आयोजन बनाने का संकल्प लिया।
निष्कर्ष
कालीबाड़ी समिति की इस बैठक ने यह स्पष्ट संकेत दे दिया है कि दुर्गा पूजा 2025 न केवल भव्य होगी, बल्कि सामाजिक सौहार्द्र और सांस्कृतिक समर्पण की अनूठी मिसाल भी पेश करेगी।
कोंडागांव वासियों को आने वाले महीनों में एक आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और सौहार्द्रपूर्ण महापर्व का साक्षी बनने का अवसर मिलने जा रहा है, जिसकी तैयारी अभी से जोरों पर है।
