जलजनित रोगों पर नियंत्रण हेतु गोलावंड में चलाया जा रहा जनजागरूकता अभियान सफल

कोंडागांव, 10 जुलाई 2025: कोंडागांव जिले के ग्राम गोलावंड में डायरिया जैसी जलजनित बीमारियों की रोकथाम के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग द्वारा चलाए जा रहे जनजागरूकता अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। बीते पांच वर्षों में डायरिया के 113 मामलों को देखते हुए इस वर्ष ग्राम को पुनः संवेदनशील क्षेत्र के रूप में चिन्हित किया गया था, परंतु जनवरी 2025 से अब तक एक भी डायरिया का मामला सामने नहीं आया है। राहत की बात यह है कि डायरिया से कोई भी मृत्यु दर्ज नहीं की गई है।

 

इस उल्लेखनीय उपलब्धि का श्रेय समय पर की गई निगरानी, उपचार और जन-जागरूकता की गतिविधियों को दिया जा रहा है। पीएचईडी कोंडागांव के डॉ. आर. के. चतुर्वेदी के नेतृत्व में परियोजना समन्वयक मितलेश साहू, अमन श्रीवास्तव और सुहानी बक्शी की टीम ने ग्रामवासियों और विद्यालय के बच्चों के बीच जागरूकता सत्रों का आयोजन किया।

 

जागरूकता सभाओं में बच्चों और ग्रामीणों को हाथ धोने की सही विधि, स्वच्छ जल के उपयोग, खुले में शौच से होने वाले खतरे और शौचालय के प्रयोग जैसे विषयों पर सरल और प्रभावी तरीके से जानकारी दी गई। टीम ने जलजनित रोगों की रोकथाम के लिए जल स्रोतों की सफाई, ढंके बर्तनों में जल संग्रहण और भोजन से पूर्व हाथ धोने जैसी आदतों को अपनाने की अपील की।

 

ग्राम में लिए गए जल के नमूनों की जांच में किसी भी प्रकार के बैक्टीरियल संक्रमण के संकेत नहीं मिले हैं, जो इस अभियान की सफलता को दर्शाता है। पीएचईडी टीम ने यह स्पष्ट किया कि डायरिया से बचाव केवल औषधियों से नहीं, बल्कि स्वच्छ जीवनशैली अपनाकर संभव है।

 

ग्रामवासियों ने इस पहल को सकारात्मक रूप से अपनाया और सामूहिक रूप से स्वच्छता बनाए रखने का संकल्प लिया। यह अभियान न केवल जलजनित रोगों की रोकथाम में कारगर रहा, बल्कि एक जागरूक, स्वस्थ और सुरक्षित ग्राम समाज की दिशा में भी अहम कदम साबित हुआ है।

Related Post