कोण्डागांव, छत्तीसगढ़ 12 जुलाई 2025: कोण्डागांव पुलिस ने एक जघन्य हत्या के रहस्य से पर्दा उठाते हुए अवैध प्रेम संबंध से जुड़े सनसनीखेज मामले में दो फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। यह हत्याकांड न केवल योजनाबद्ध था, बल्कि इसमें आधुनिक तकनीकों की सहायता से अपराधियों तक पहुंचने में पुलिस को अहम सफलता मिली।
मामले की शुरुआत: जंगल में मिला अज्ञात शव
दिनांक 30 जून 2025 को मगेदा जंगल, उड़ीसा मार्ग के एक कच्चे रास्ते पर एक अज्ञात पुरुष का शव संदिग्ध अवस्था में मिला। माकड़ी थाना में मर्ग क्रमांक 27/2025 दर्ज कर जांच प्रारंभ की गई, जो बाद में हत्या का मामला पाया गया और अपराध क्रमांक धारा 103 भारतीय न्याय संहिता के तहत दर्ज किया गया।
शव की पहचान: एंटी-रैबिस पर्ची बनी सुराग
मृतक की पैंट से मिली जली हुई अस्पताल की पर्ची और वैक्सीन कार्ड के आधार पर शव की पहचान धर्मवीर नेताम (33 वर्ष), निवासी नगरी, जिला धमतरी के रूप में की गई। उनकी पत्नी रवीना नागरची से पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए।
तकनीकी जांच: मोबाइल डेटा और CCTV फुटेज से मिला सुराग
जांच टीम ने हजारों मोबाइल नंबरों की गतिविधियों का विश्लेषण किया। घटनास्थल पर विदेश मरकाम का मोबाइल लोकेशन पाया गया और उसकी रवीना से लगातार बातचीत संदिग्ध पाई गई। उसके लोकेशन व मोबाइल नम्बर बार-बार बदलने पर उस पर निगरानी बढ़ा दी गई।
प्यार, धोखा और हत्या की साजिश
पूछताछ में विदेश मरकाम ने बताया कि उसका मृतक धर्मवीर की पत्नी रवीना नागरची से प्रेम संबंध था। धर्मवीर द्वारा रवीना को प्रताड़ित किए जाने से नाराज होकर दोनों ने धर्मवीर की हत्या की साजिश रची।
27 जून 2025 को विदेश मरकाम ने तमिलनाडु जाकर धर्मवीर को इलाज के बहाने अपने साथ लिया और उसे उड़ीसा के रायघर ले गया। वहां से पेट्रोल और माचिस खरीद कर उसे मगेदा जंगल में ले जाकर क्रिकेट बैट से सिर पर वार कर हत्या कर दी और शव को जलाने की कोशिश की, लेकिन बारिश के कारण शव पूरी तरह जल नहीं पाया।
गिरफ्तारी और सबूत
पुलिस ने घेराबंदी कर कोण्डागांव बस स्टैंड से विदेश मरकाम को गिरफ्तार किया। हत्या में प्रयुक्त क्रिकेट बैट भी बरामद कर लिया गया है।
गिरफ्तार आरोपी
1. विदेश मरकाम (30 वर्ष) - निवासी कंडेतरा, थाना कुदई, जिला नवरंगपुर, उड़ीसा
2. रवीना नागरची (23 वर्ष) - निवासी सिहावा, जिला धमतरी (वर्तमान में ग्राम कुकरेल)
जांच में विशेष योगदान देने वाले अधिकारी:
निरीक्षक सौरभ उपाध्याय, उनि अमिताभ खण्डेकर, प्रआर लूमन भंडारी, थाना माकड़ी के निरीक्षक विकास बघेल व टीम सहित साइबर सेल के अधिकारी व कर्मचारियों का विशेष योगदान रहा।
---
कोण्डागांव पुलिस अधीक्षक वाय. अक्षय कुमार ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि “अत्याधुनिक तकनीकों और टीमवर्क की बदौलत यह जघन्य अपराध सुलझाया जा सका है। ऐसे अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा।”
