यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से प्रत्येक कोच में लगाई गई इमरजेंसी अलार्म चैन सुविधा अब दुरुपयोग का शिकार हो रही है। जुलाई 2025 तक मंडल के विभिन्न स्टेशनों व आउटर क्षेत्रों में 1052 मामलों में यात्रियों द्वारा अलार्म चैन का अनुचित प्रयोग किया गया।
कड़ी कार्रवाई और जुर्माना
इन मामलों में दोषियों के विरुद्ध रेलवे अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। अब तक अदालत के आदेश पर यात्रियों से ₹4.50 लाख से अधिक अर्थदंड वसूला जा चुका है।
जागरूकता और चेकिंग अभियान
मंडल रेल प्रबंधक राजमल खोईवाल के मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त दिनेश सिंह तोमर के निर्देशन में रेलवे सुरक्षा बल द्वारा विशेष चेकिंग और जागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं। यात्रियों को नियमों की जानकारी दी जा रही है तथा उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जा रहे हैं।
कानूनी प्रावधान
रेल अधिनियम की धारा 141 के अनुसार, बिना उचित कारण चैन खींचने पर एक वर्ष तक कारावास, 1,000 रुपये तक का जुर्माना या दोनों की सजा का प्रावधान है।
रेल प्रशासन की अपील
अधिकारियों ने साफ कहा — अलार्म चैन कोई खिलौना नहीं, इसे केवल वास्तविक आपात स्थिति में ही प्रयोग करें। जिम्मेदारी से सफर करें ताकि सभी की यात्रा सुरक्षित, समयबद्ध और सुगम रहे।
