छत्तीसगढ़ शासन द्वारा लागू की गई युक्तियुक्तकरण नीति अब शिक्षा व्यवस्था में क्रांतिकारी बदलाव ला रही है। कोरबा जिले के करतला क्षेत्र की शासकीय माध्यमिक शाला में गणित विषय के विशेषज्ञ शिक्षक किशोर केसरवानी की नियुक्ति ने बच्चों की पढ़ाई की दिशा ही बदल दी है।
पहले जहां कक्षा 8वीं के छात्रों के लिए गणित एक डरावना विषय था, वहीं अब उसी विषय के प्रति उनका रुचि और आत्मविश्वास बढ़ रहा है। केसरवानी ने छात्रों को मूलभूत फॉर्मूलों से लेकर पहाड़े तक दोहरवाए और गणित को दैनिक जीवन के उदाहरणों से जोड़कर पढ़ाने की नई पद्धति अपनाई।
इस पहल से न केवल करतला बल्कि प्रदेश के सैकड़ों दूरस्थ स्कूलों में शिक्षक विहीनता की समस्या दूर हो रही है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चलाई जा रही यह योजना प्रदेश में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की नींव रख रही है।
छात्र मनीष राठिया ने खुशी जताते हुए कहा, "अब गणित समझ में आता है, डर नहीं लगता। सर के आने से पढ़ाई में मज़ा आने लगा है।"
शिक्षक केसरवानी ने कहा, "जब शिक्षक सही जगह होंगे, तभी शिक्षा सार्थक होगी।"
युक्तियुक्तकरण नीति अब बच्चों के भविष्य को दिशा देने का काम कर रही है और शिक्षा की नींव को मजबूत बना रही है।
