जांजगीर-चांपा शिक्षा विभाग में पारदर्शिता और जवाबदेही की दिशा में एक अहम प्रशासनिक कार्रवाई सामने आई है। बम्हनीडीह विकास खंड के विकास खंड शिक्षा अधिकारी (बीईओ) एम.डी. दीवान को शासन द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
इस निलंबन की वजह बनी है शिक्षकों के समायोजन के दौरान वरीयता सूची में गंभीर गड़बड़ी। जांच में यह पाया गया कि समायोजन प्रक्रिया में नियमों की अनदेखी की गई और कई मामलों में शिक्षकों की वरिष्ठता के क्रम से छेड़छाड़ की गई, जिससे विभागीय असंतोष और अनियमितता का वातावरण बना।

शासन ने इसे छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियमों का उल्लंघन मानते हुए यह कड़ी कार्रवाई की है। जांजगीर-चांपा कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे की अनुशंसा पर बिलासपुर संभाग के आयुक्त ने यह निलंबन आदेश जारी किया है।
अब निलंबित अधिकारी श्री दीवान का मुख्यालय बिलासपुर संभाग के संयुक्त संचालक, शिक्षा कार्यालय में नियत किया गया है। यह निर्णय शिक्षा विभाग में पारदर्शिता बनाए रखने और अन्य अधिकारियों के लिए चेतावनी स्वरूप लिया गया एक गंभीर कदम माना जा रहा है।
कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने इस मामले पर स्पष्ट कहा
"शिक्षकों के समायोजन जैसे संवेदनशील कार्य में किसी भी प्रकार की अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई व्यवस्था को सुधारने और जवाबदेही तय करने की दिशा में की गई है।"
इस कार्रवाई से शिक्षा विभाग के अन्य अधिकारियों में भी स्पष्ट संदेश गया है कि कर्तव्यपालन में लापरवाही या नियमों की अनदेखी की कोई भी कोशिश सख्त कार्रवाई की ज़द में आएगी।
