कोरबा| रामपुर विधानसभा क्षेत्र के विधायक फूल सिंह राठिया के नेतृत्व में किसानों की समस्याओं को लेकर 10 नवंबर सोमवार को करतला विकासखंड के छातापाठ प्रांगण में एक महत्वपूर्ण संयुक्त बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में विकासखंड करतला और कोरबा दोनों क्षेत्रों के सैकड़ों किसान बड़ी संख्या में उपस्थित हुए।
रकबा घटने की समस्या पर गुस्सा और चिंता व्यक्त
राज्य सरकार के आदेशानुसार इस वर्ष गिरदावरी के दौरान राजस्व विभाग द्वारा कई किसानों के खसरा रिकॉर्ड में रकबा घटा दिया गया या शून्य कर दिया गया, जिससे किसानों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। किसानों का कहना है कि बिना किसी जानकारी या स्थलीय सत्यापन के उनकी कृषि भूमि का रकबा कम कर दिया गया है, जिसका सीधा असर अब धान विक्रय पंजीयन पर पड़ रहा है।
कई किसानों का पंजीयन रोक दिया गया है, जिससे वे धान उपार्जन केंद्रों पर फसल बेचने से वंचित हो सकते हैं।
विधायक फूल सिंह राठिया ने इस विषय को गंभीरता से लेते हुए कहा कि —
“किसान हमारे अन्नदाता हैं। यदि उनके खेतों का रकबा घटाकर उनके अधिकारों से वंचित किया जा रहा है, तो यह सीधा अन्याय है। सरकार को इस त्रुटि को तुरंत सुधारना चाहिए।”
उन्होंने बताया कि राज्य सरकार की मंशा किसानों को राहत देने की है, लेकिन स्थानीय स्तर पर गिरदावरी के दौरान हुई लापरवाही ने किसानों को संकट में डाल दिया है।
तहसीलदारों की मौजूदगी में समाधान की दिशा में कदम
किसानों की इस समस्या के समाधान के लिए बैठक में कोरबा तहसीलदार और करतला तहसीलदार दोनों की उपस्थिति रही। इसके साथ ही करतला तहसील के नायब तहसीलदार श्री देवेंद्र भगत और भैंसमा तहसील के नायब तहसीलदार श्री साहू विशेष रूप से उपस्थित रहे।
इन अधिकारियों ने किसानों की समस्याओं को सुना और उन्हें भरोसा दिलाया कि जहां भी गिरदावरी या रकबा दर्ज करने में त्रुटि हुई है, उसका शीघ्र निराकरण किया जाएगा।
कोलफील्ड्स नीलामी का विरोध, ज्ञापन सौंपा गया
बैठक के दौरान किसानों और ग्रामीणों ने करतला तहसील अंतर्गत प्रस्तावित कोलफील्ड्स (मदवानी ब्लॉक, कलगामार ब्लॉक व करतला ब्लॉक) की नीलामी के विरुद्ध भी जोरदार विरोध दर्ज कराया।
विधायक राठिया ने कहा कि —
“हम विकास के विरोधी नहीं हैं, परंतु विकास का अर्थ किसानों की जमीन छीनना नहीं है।
इस मौके पर विधायक, जनप्रतिनिधियों और उपस्थित जनसमूह ने एकमत होकर नीलामी को तत्काल रद्द करने की मांग करते हुए महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से सौंपा।
जंगली हाथियों के उत्पात पर भी चिंता
बैठक में ग्रामीणों ने एक और ज्वलंत मुद्दे — जंगली हाथियों के लगातार उत्पात — पर भी गंभीर चिंता व्यक्त की।
ग्रामीणों ने बताया कि हाथियों के झुंड आए दिन फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं और कभी-कभी जनहानि भी हो रही है।
इस पर विधायक राठिया ने कहा कि वन विभाग को इस दिशा में ठोस कार्यवाही करनी चाहिए, ताकि लोगों की जान और संपत्ति सुरक्षित रह सके।
ग्रामीणों ने एक स्वर में मांग रखी कि —
फसल नुकसान होने पर ₹80,000 प्रति एकड़ मुआवजा दिया जाए।
जनहानि की स्थिति में आश्रित को योग्यतानुसार सरकारी नौकरी दी जाए।
तथा ₹50 लाख का मुआवजा पीड़ित परिवार को प्रदान किया जाए।
इस विषय में भी ज्ञापन तहसीलदार के माध्यम से महामहिम राज्यपाल को सौंपा गया।
जनप्रतिनिधियों की व्यापक भागीदारी
बैठक में विधायक फूल सिंह राठिया के साथ कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे, जिनमें मुख्य रूप से —
मुकेश राठिया (सरपंच कोटमेर), नुकेश राठिया (सरपंच कलगामार), दीनानाथ राठिया (सरपंच घिनारा), देवेंद्र राठिया (सरपंच प्रतिनिधि करतला), पुष्पेंद्र राठिया (सरपंच प्रतिनिधि चोरभट्ठी), दुलार सिंह राठिया (BDC करतला क्रमांक 01), घनश्याम राठिया (BDS चोरभट्ठी क्रमांक 02), रामायण राठिया, दौलतराम राठिया, जोतराम राठिया, मोहित राम राठिया, त्रिवेणी राठिया, डाॅ. कुमार राठिया, मालिक राम राठिया (पूर्व सरपंच चाँपा), यशोदाभजन सिंह राठिया (पूर्व सरपंच कलगामार), डिगम्बर सिंह राठिया, जवाहर राठिया, विश्वनाथ पटेल, तोपेश्वर राठिया, संतोषी बाई चौहान, देव प्रसाद राठिया, सुदर्शन राठिया, कपूर राठिया, आशीष, जगमाल, नागेश्वर, बालमुकुंद, अंखाराम, शंकर, शिवकुमार, दिलीप, दीपक राठिया, श्यामदास, शुक्ला दास महंत, ज्ञानसिंह कंवर, दिलीश कुमार, दिलीश्वर यादव, मोहन राठिया, भरोस राठिया, विजय श्रीवास, जितेन्द्र कुमार, ईश्वर राठिया, बंशीलाल, भोजराम, ममता प्रसाद, चमार राय, संतराम, पर्वत राठिया, गोपाल राजेश, चंद्रभान, गौतम, दीनदयाल, नीरजा बाई, तुलसी बाई, दमयंती, दुर्गा, जानकी, रमशिला, सनकुंवर, संपत्ति, सावित्री, हीरामती, परमेश्वरी, रामसिंह, संतोष, देवभजन, भूषण, निरंजन, मनहरणदास, सुनीता चौहान, कौशिल्या बाई, लक्ष्मी बाई, सनिरो, दूधोबाई राठिया, गोपाल सिंह, सालिकराम, बेलाल राठिया, तिलकराम, गुलाबसिंह, गोविंद राठिया, फूलसिंह राठिया, सत्यम राठिया, खगेश, चंद्रा, कमल, दुग्देव, गणपत, गणेश, घुराऊरा, सत्तेसिंह, धनरास, पूरन, महादेव, नत्थूसिंह, ललित, कांति, सुशीला, चंद्रिका, भारती, सिरमोती, सरबती, घसियाराम, आधिराम, अर्जुन, फिरतूराम, बाबूलाल, भारत आदि प्रमुख रूप से शामिल थे।
महिलाओं की बड़ी भागीदारी
शिविर स्थल में क्षेत्र की मातृशक्ति की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। महिलाएं अपने परिवारों की समस्याओं को लेकर मुखर रहीं और उन्होंने प्रशासन से मांग की कि रकबा घटने की समस्या और हाथी उत्पात दोनों पर ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि गांवों में शांति और सुरक्षा बहाल हो सके।
जनता के बीच विधायक की अपील
विधायक फूल सिंह राठिया ने अंत में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा —
“आपकी आवाज को शासन-प्रशासन तक पहुंचाना मेरा कर्तव्य है। आप निश्चिंत रहें, रकबा की त्रुटि हो या हाथी उत्पात, दोनों ही मुद्दों को लेकर मैं विधानसभा और सरकार के समक्ष मजबूती से बात रखूंगा।”
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्याओं के निराकरण में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
ग्रामीणों की संतुष्टि और उम्मीद
बैठक के समापन पर उपस्थित किसानों ने विधायक राठिया का आभार व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उनके प्रयासों से जल्द ही रकबा संबंधी समस्या का समाधान होगा तथा जंगली हाथियों से राहत के लिए ठोस कार्यवाही की जाएगी।
बैठक में मदवानी, कलगामार, तराईमार, कछार, चोरभट्ठी, चांपा, करतला, गेरांव, कोटमेर, टिमनभौना, कलगामार, कोई व आसपास के ग्रामों के सैकड़ों किसान और ग्रामीण उपस्थित रहे।
