सागोर मे मोती नगर क्षेत्र में लगे स्मार्ट मीटर अब गरीबों के लिए मुसीबत बनते जा रहे हैं। खासतौर पर दिहाड़ी मजदूरी कर जीवन यापन करने वाले परिवारों के सामने बिजली के बढ़े हुए बिलों ने आर्थिक संकट खड़ा कर दिया है। पहले जहाँ इन परिवारों को ₹500 से ₹600 तक का मासिक बिजली बिल आता था, अब वही बिल स्मार्ट मीटर लगने के बाद ₹3000 से ₹5000 तक पहुंच गया है।
स्थानीय रहवासियों का कहना है कि न तो उनकी खपत बढ़ी है और न ही किसी प्रकार के अतिरिक्त उपकरण इस्तेमाल किए जा रहे हैं, फिर भी बिल कई गुना बढ़ गया है। मोती नगर की एक महिला ने बताया कि वह और उनके पति दोनों दिहाड़ी पर काम करते हैं, जिससे पूरे परिवार का गुजर-बसर मुश्किल से होता है। लेकिन अब महीने के अंत में बिजली का भारी बिल देखकर उन्हें समझ नहीं आ रहा कि घर चलाएं या बिल भरें।
इस मुद्दे को लेकर मोती नगर के रहवासी सोमवार को सामूहिक रूप से विद्युत मंडल कार्यालय पहुँचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में स्मार्ट मीटरों की जांच, पिछले तीन महीनों के बिलों की पुनः गणना, गरीब परिवारों को राहत देते हुए बिलों में संशोधन किया जाए।
ज्ञापन सौंपने पहुंचे लोगों ने बताया कि यदि समय रहते इस समस्या का समाधान नहीं किया गया तो वे बड़े स्तर पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।
