ग्राम पंचायत कमरगा में पंचायत सचिव सेमलाल लकड़ा की निरंकुश कार्यशैली के खिलाफ ग्रामीणों का ग़ुस्सा अब फूट पड़ा है। पाँच सालों से पीडीएस भवन होते हुए भी राशन वितरण सामुदायिक भवन से किया जा रहा है, जिससे गांव में अव्यवस्था और जनहित की योजनाओं पर असर पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि जिस सामुदायिक भवन का निर्माण सार्वजनिक कार्यक्रमों और बैठकों के लिए हुआ था, वह अब ‘चावल डिपो’ बन चुका है। महिलाओं, बुजुर्गों व दिव्यांगों को घंटों लाइन में खड़े रहना पड़ता है। सचिव पीडीएस भवन को जानबूझकर बंद रखे हुए हैं और पंचायत संचालन में भी मनमानी कर रहे हैं। स्थानीय पंचों ने कहा–यह जनता के अधिकारों का खुला उल्लंघन है।
सचिव न मुख्यालय में रहते हैं, न जनसमस्याओं का समाधान करते हैं। ग्रामीणों ने चेताया कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन का रास्ता अपनाएंगे।
ग्रामीणों की माँगें–
1. सामुदायिक भवन से राशन वितरण पर रोक।
2. पीडीएस भवन का तत्काल उपयोग।
3. सचिव की कार्यशैली की जाँच।
4. मुख्यालय से अनुपस्थित रहने पर कार्रवाई।
5. पंचायत निर्माण कार्यों का ऑडिट।
यह मामला अब प्रशासनिक जवाबदेही की अग्निपरीक्षा बन गया है। ग्रामीणों की आवाज़ बुलंद है – अब फैसले की बारी शासन की है।
