अरनोद उपखंड क्षेत्र में जलझूलनी ग्यारस पर गांव-गांव में निकले पारंपरिक झूले
भक्ति और उत्साह से गूंजा पूरा क्षेत्र
अरनोद उपखंड क्षेत्र में बुधवार को जलझूलनी ग्यारस का पर्व बड़े ही श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ मनाया गया।

जलझूलनी ग्यारस हमारे गांव की पहचान है।

हर साल इसे लेकर नई उमंग और ऊर्जा का अनुभव होता है। यह पर्व हमें सामाजिक एकता और धार्मिक आस्था से जोड़ता है। गांव-गांव में पारंपरिक झूले निकले,
जिनमें हजारों की संख्या में श्रद्धालु शामिल होकर धार्मिक माहौल को और भी भव्य बना दिया।
अरनोद के नृसिंह मंदिर, सत्यनारायण मंदिर, सेन समाज के राम जानकी मंदिर, कुमावत मंदिर, 
ब्राह्मण समाज के मंदिर, रैदास मोहल्ला और नई आबादी के अंबामाता मंदिर

सहित सभी देवालयों के बेवाण को आकर्षक फूलमालाओं व रंग-बिरंगी सजावट से सजाया गया। शोभायात्राएं जब सदर बाजार, महल चौक, दर्जी चौक, बस स्टैंड और तेली चौक से होकर गुजरीं तो दुकानदारों और स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।

जगह-जगह पर श्रद्धालुओं ने बेवाण के दर्शन कर फल-फूल और प्रसाद अर्पित किए।
शोभायात्राएं गौरेश्वर महादेव मंदिर पहुंचकर संपन्न हुईं, जहाँ परंपरानुसार भगवान की पूजा-अर्चना कर गांव की सुख-समृद्धि एवं कल्याण की कामना की गई।

महाआरती के बाद श्रद्धालुओं में प्रसादी का वितरण किया गया।
इस दौरान आकर्षक झांकियों ने लोगों का मन मोह लिया। ढोल-नगाड़ों की थाप, भजन-कीर्तन की गूंज और भक्तिमय माहौल ने वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया। बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक सभी ने बड़े उत्साह से भाग लेकर इस धार्मिक पर्व को अद्भुत बना दिया।
इस मौके पर भीड़ को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने भी विशेष व्यवस्था की। थाना अधिकारी हजारीलाल मीणा ने बताया कि श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरा आयोजन शांतिपूर्ण और सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
