पीथमपुर में हुआ महामंडलेश्वर श्री नरसिंह दास जी महाराज का भव्य आगमन

औद्योगिक नगरी पीथमपुर आज एक अलौकिक और दिव्य वातावरण से सराबोर हो गई जब महामंडलेश्वर श्री नरसिंह दास जी महाराज (मांडव वाले) का नगर में आगमन हुआ। जैसे ही उनके आगमन की खबर क्षेत्र में फैली, श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। पूरा क्षेत्र गुरुजी के स्वागत के लिए तैयार हो गया।

छत्रछाया कॉलोनी स्थित राम रामेश्वर मंदिर को विशेष रूप से सजाया गया। प्रातः काल से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ पड़ी। ढोल-नगाड़ों के साथ कॉलोनी की समस्त महिलाएं पारंपरिक परिधान में उपस्थित रहीं और गुरु महाराज का स्वागत किया। हर दिशा में “हर हर महादेव” और “जय श्री राम” के जयघोष गूंज रहे थे।

 

पूजा-अर्चना और आरती से हुआ स्वागत, दिया संदेश 

 

राम रामेश्वर मंदिर सामाजिक समिति के समस्त सदस्यगणों ने मिलकर विशेष पूजा-अर्चना और आरती आयोजित की। इसके माध्यम से उन्होंने गुरु महाराज का स्वागत किया और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

अपने जन्मदिवस के शुभ अवसर पर महामंडलेश्वर श्री नरसिंह दास जी महाराज ने मंदिर परिसर में वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का प्रेरणादायक संदेश दिया। उन्होंने कहा कि "सच्चा धर्म वही है, जो प्रकृति से प्रेम करना सिखाए।"

 

फलों से किया गया तुला, हुआ तुला दानकर किया चरण पूजन

 

इस अवसर पर गुरु महाराज को फलों से तोला गया, जिसे परंपरा में तुला दान कहा जाता है। यह आयोजन भक्तों के लिए एक विशेष अध्यात्मिक अनुभूति बना।

पूजन पश्चात राम रामेश्वर मंदिर समिति की ओर से महामंडलेश्वर जी को विशाल पुष्पमाला पहनाकर, चरण पूजन कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही उन्हें स्मृति चिन्ह के रूप में एक गदा भेंट की गई, जो शक्ति और भक्ति का प्रतीक माना जाता है।

 

आध्यात्मिक ऊर्जा से आलोकित हुआ नगर

 

पूरा आयोजन अत्यंत भव्य, शांतिपूर्ण और श्रद्धा से परिपूर्ण रहा। उपस्थित जनसमूह ने इसे धार्मिक आस्था और सामाजिक समर्पण का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। नगरवासियों के लिए यह अवसर लंबे समय तक एक दिव्य स्मृति बनकर रहेगा।

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