कोरबा। जनसेवा के लिए चलाई जा रही 102 एम्बुलेंस सेवा अब कुछ ड्राइवरों के लिए कमाई का जरिया बन गई है। ऐसा ही एक मामला कोरबा जिले से सामने आया है, जहां 102 एम्बुलेंस के ड्राइवर द्वारा गर्भवती महिला को अस्पताल पहुंचाने और घर छोड़ने के एवज में पैसे की मांग करते हुए ऑडियो वीडियो वायरल हुआ है।
सूत्रों के अनुसार, यह बातचीत पाली से कोरबा जिला अस्पताल तक डिलीवरी पेशेंट को लाने को लेकर हुई, और अस्पताल में डॉक्टरों द्वारा टाइम नहीं आने पर वापस घर जाने की बात पर हुई, जिसमें ड्राइवर द्वारा खुलकर पैसे की डिमांड की जा रही है। पीड़ित हितग्राही ने बताया कि इससे पहले भी उसे 800 रुपये देकर एम्बुलेंस सेवा ली थी, जबकि 102 सेवा पूरी तरह निशुल्क है।
जब इस मामले की जानकारी जिला प्रबंधन को दी गई, तो उन्होंने स्पष्ट कहा कि 102 एम्बुलेंस सेवा फ्री है और अगर कोई ड्राइवर मरीज या परिजनों से पैसे मांगता है, तो उस पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जब हमारी टीम ने ड्राइवर से इस मामले में प्रतिक्रिया मांगी, तो उसने पैसे लेने की बात से इनकार कर दिया। अब सवाल यह उठता है कि वायरल हो रहा ऑडियो वीडियो के बाद भी 102 चालकों के हौसले बुलंद है क्यों?
फिलहाल इस मामले की शिकायत 104 हेल्पलाइन में दर्ज कर दी गई है और प्रशासन द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
जनता के लिए संदेश
यदि किसी भी गर्भवती महिला को 102 एम्बुलेंस सेवा नहीं मिलती है, या फिर कोई पैसे की मांग करता है, तो 104 हेल्पलाइन नंबर पर तत्काल शिकायत दर्ज कराएं। प्रशासन द्वारा जांच कर समाधान सुनिश्चित किया जाएगा।
कॉल सेंटर से आवश्यक जानकारी
पैसे की मांग करने वाले 102 के ड्राइवरों की शिकायत के लिए उनका नाम और गाड़ी No. बेहद जरूरी है,
इसके जानकारी बैगर जांच अधूरा रहता है, और समझाइश देकर छोड़ दिया जाता है
अब देखना यह होगा कि क्या ऐसे लापरवाह ड्राइवरों पर सख्त कार्रवाई होगी, या फिर छत्तीसगढ़ में फ्री एम्बुलेंस सेवा यूँ ही आम जनता की जेब काटती रहेगी।
