कोरबा। इंदिरा हरेली-सहेली योजना के अंतर्गत पट्टे पर दी गई भूमि में वृक्षारोपण, कुआं और मकान निर्माण में तीन लाख रुपये का खर्च उठाने वाले किसान परसराम राठौर ने कलेक्टर जनदर्शन में न्याय की गुहार लगाई है। जनदर्शन के टोकन क्रमांक 2050125001435 के साथ प्रस्तुत आवेदन में उन्होंने क्षतिपूर्ति और खाली पड़ी भूमि पुनः आबंटन की मांग की है।
ग्राम भलपहरी निवासी परसराम राठौर ने बताया कि उन्होंने वर्ष 1976 से भलपहरी में खसरा नंबर 1/1 ख, रकबा 2.00 हेक्टेयर (5 एकड़) शासकीय भूमि पर कब्जा किया हुआ था, जिसे वर्ष 2001 में इंदिरा हरेली सहेली योजना के तहत पट्टे पर प्रदान किया गया। इस भूमि में फलदार पौधे जैसे आम, अमरूद, कटहल, नींबू, काजू एवं बांस इत्यादि लगाने का निर्देश था।
किसान का कहना है कि तहसीलदार के निर्देश पर उन्होंने पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और खाद भंडारण के लिए अपने निजी संसाधनों से कुंआ, घेरा और खाद रखने के लिए मकान निर्माण कराया। इसके लिए उन्होंने अपनी पैतृक भूमि का हिस्सा बेचकर लगभग तीन लाख रुपये की लागत वहन की।
लेकिन 24 अक्टूबर 2002 को गांव के कुछ लोगों द्वारा भूमि पर लगे वृक्षों को नष्ट कर दिया गया तथा मकान, कुंआ और सिंचाई पंप को भी नुकसान पहुंचाया गया। बाद में उक्त भूमि का पट्टा भी अनुविभागीय अधिकारी, कटघोरा द्वारा निरस्त कर दिया गया।
किसान के अनुसार, इस संबंध में मौके की जांच भी की गई थी, जिसमें भूमि पर मकान की नींव और कुंआ के अवशेष पाए गए। वर्तमान में उस भूमि पर आंगनबाड़ी भवन, सामुदायिक भवन, मंच, जय स्तंभ और पंचायत की ओर से बाउंड्रीवाल निर्मित कर दी गई है। फिर भी लगभग 1.50 एकड़ भूमि खाली पड़ी है।
किसान परसराम राठौर ने प्रशासन से मांग की है कि उक्त रिक्त भूमि उन्हें पुनः आवंटित की जाए तथा उनके द्वारा किए गए तीन लाख रुपये की लागत की क्षतिपूर्ति दी जाए ताकि भविष्य में कोई अन्य गरीब व्यक्ति इस प्रकार के नुकसान से बच सके।
