राज्य शासन के निर्देशानुसार ई-ऑफिस प्रणाली के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर आज कलेक्टोरेट कार्यालय में एक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कलेक्टर श्री अजीत वसंत ने ई-ऑफिस पोर्टल के माध्यम से एक फाइल पर डिजिटल हस्ताक्षर कर उसे स्वीकृति प्रदान की, जिससे जिले में डिजिटल प्रशासन की दिशा में एक मजबूत कदम बढ़ाया गया।
प्रशिक्षण में क्या सिखाया गया
एनआईसी के अधिकारी श्री हेमंत जायसवाल ने ई-ऑफिस के विभिन्न पहलुओं—जैसे कि ऑनलाइन नोटशीट तैयार करना, एक शाखा से दूसरी शाखा में फाइल प्रेषित करना, फाइल अटैचमेंट करना आदि—का पीपीटी प्रस्तुतीकरण और लाइव पोर्टल डेमो के माध्यम से विस्तार से प्रशिक्षण दिया।
कलेक्टर अजीत वसंत ने कहा
राज्य शासन की मंशा है कि सभी कार्यालयों में फाइल मूवमेंट समयबद्ध और पारदर्शी हो। ई-ऑफिस भविष्य की आवश्यकता है और इसका सही क्रियान्वयन कार्यालयीन कार्यों में गति और पारदर्शिता लाएगा।"
उन्होंने कर्मचारियों को आश्वस्त किया कि ई-ऑफिस को शुरू में समझना भले ही कठिन लगे, परंतु इसे सीखने के बाद कार्य करना बेहद आसान और सुगम हो जाएगा।
ई-ऑफिस से मिलेंगे ये फायदे
फाइलों का ऑनलाइन रिकॉर्ड रहेगा
कोई भी गड़बड़ी या कांटछांट संभव नहीं
स्पष्टता व पारदर्शिता बनी रहेगी
समय की बचत और कागज रहित कार्यसंस्कृति को बढ़ावा मिलेगा
इस अवसर पर उपस्थि अधिकारी
अपर कलेक्टर श्री मनोज कुमार बंजारे, डिप्टी कलेक्टर रश्मि वर्मा, माधुरी सोम सहित कलेक्टोरेट के सभी शाखा प्रभारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने सभी शाखाओं को बेहतर प्रशिक्षण और तकनीकी सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।
