कोरबा। जिले में डीजल माफिया के हौसले एक बार फिर कानून को खुली चुनौती देते नजर आ रहे हैं। एसईसीएल की दीपका कोयला खदान में डीजल चोरी रोकने पहुंची CISF टीम पर माफिया के गुर्गों ने जानलेवा हमला कर दिया। डीजल चोरी कर भाग रहे आरोपियों ने न केवल कैंपर जीप से CISF जवानों को कुचलने का प्रयास किया, बल्कि CISF की जीप में जमकर तोड़फोड़ कर मौके से फरार हो गए। दीपका खदान में घटित इस सनसनीखेज घटना ने जहां खदान की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, वहीं दूसरी तरफ कोल माइंस में डीजल माफिया के बढ़ते आतंक को भी उजागर करते हुए पुलिस की कार्य प्रणाली पर सवालियां निशान लगा दिया है।
जानकारी के मुताबिक ये पूरा घटनाक्रम दीपका थाना क्षेत्र का है। CISF के निरीक्षक के.के.मधुकर ने इस घटना की रिपोर्ट दीपका थाने में दर्ज करायी है। बताया जा रहा है कि 11-12 जनवरी की देर रात एसईसीएल की दीपका खदान की सुरक्षा व्यवस्था में CISF के जवान तैनात थे। CISF के सहायक कमाण्डेट पुष्पेन्द्र सक्सेना दीपका एरिया में नाईट चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान देर रात 1 बजें के लगभग ड्यूटी पर तैनात जवानों ने एक संदिग्ध सफेद बोलेरो क्रमांक CG 12 BM 5447 एसीबी क्रांसिग से रेलवे साईडिंग की तरफ जाने की सूचना दी गयी।
इस सूचना के बाद CISF के जवानों ने सहायक कमांडेंट पुष्पेन्द्र सक्सेना के साथ डीजल चोरो की घेराबंदी कर उन्हे रोकने का प्रयास किया गया। इसी दौरान खदान से डीजल चोरी कर भाग रहे माफिया के गुर्गो का सामना जवानों से हो गया। जवानों ने डीजल चोरों की जीप को रोकने का प्रयास किया गया। लेकिन डीजल माफिया के गुर्गो ने बेखौफ होकर जीप को रोकने के बजाये उसकी स्पीड को और तेज कर जवानों को कुलचने का प्रयास किया गया। बेखौफ बदमाशों के इस जानलेवा हमले से किसी तरह जवानों ने अपनी जान बचायी। इस दौरान आरोपियों ने CISF की जीप को टक्कर मारते हुए खदान से बाहर की तरफ बढ़ गये।
पुलिस में दर्ज FIR के मुताबिक इस घटना के बाद CISF के जवानों ने डीजल माफिया के गुर्गो की सफेद बोलेरो क्रमांक CG 12 BM 5447 का पीछा करना शुरु कर दिया। इसी दौरान घटना की जानकारी मिलने पर क्यूआरटी की बोलेरो जीप भी एसीबी बैरियर साईड से आकर उक्त जीप का पीछा करने लगी। सफेद बोलेरो क्रमांक CG 12 BM 5447 जिसमे की अज्ञात आरोपी बैठे थे, उसे CISF के जवानों ने खदान के बैरियर नंबर GN-08 के पास घेर लिया। तभी बोलेरों में सवार डीजल माफिया के 4 गुर्गो ने लोहे की रॉड से CISF जवानों की स्कार्पियो में जमकर तोड़फोड़ कर ड्राईवर और CISF जवान प्रमोद कुमार पर लोहे की रॉड से जानलेवा हमला का भी प्रयास किया गया।
इसके बाद आरोपियों ने फिर से CISF के क्यूआरटी वाहन को टक्कर मारकर दीपका बाजार की तरफ फरार हो गये। सीआईएसएफ के निरीक्षक ने अपनी रिपोर्ट में इस घटना में शामिल आरोपियों द्वारा एक दूसरे को नाजिर व सालिक कहकर बुला बुलाने की जानकारी दी है।CISF की टीम ने उक्त रेलवे साईडिंग एरिया में जांच के बाद झाडियों से 35 लीटर डीजल की भरी हुई 03 केन कुल 105 लीटर डीजल बरामद कर दीपका पुलिस को सुपुर्द कर रिपोर्ट दर्ज करायी है।
दीपका खदान में CISF जवानों पर हुए जानलेवा हमले के बाद दीपका पुलिस की भूमिका अब कटघरे में है। CISF निरीक्षक की गंभीर रिपोर्ट सामने आने के बावजूद पुलिस ने डीजल माफिया के गुर्गों के खिलाफ सख्त और प्रभावी धाराएं लगाने के बजाय हल्की धाराओं में मामला दर्ज कर औपचारिकता निभा दी। हैरानी की बात यह है कि जवानों को कैंपर जीप से कुचलने के प्रयास जैसे गंभीर अपराध को नजरअंदाज करते हुए पुलिस ने केवल सार्वजनिक स्थान से चोरी, जबरन घुसपैठ, तोड़फोड़ और संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसे अपराधों तक ही कार्रवाई सीमित रखी।
