कलेक्टर अजीत वसन्त ने समय-सीमा की बैठक लेकर विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने स्पष्ट कहा कि छत्तीसगढ़ स्थापना के रजत जयंती वर्ष के अवसर पर तय कैलेंडर के अनुसार सभी गतिविधियों का आयोजन समय पर और व्यापक स्तर पर किया जाए।
कलेक्टर ने विभागों को निर्देशित किया कि एक माह से अधिक समय से लंबित प्रकरणों का शीघ्र निराकरण कर प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। उन्होंने अटल डिजिटल डैशबोर्ड में कम प्रगति वाले विभागों को चेतावनी देते हुए कहा कि सभी अधिकारी KPI इंडिकेटर्स को ध्यान में रखकर योजनाओं के क्रियान्वयन में गति लाएं।
बैठक में पब्लिक डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम (PDS) में अनियमितता पाए जाने पर दोषी समूहों व संचालकों से राशि वसूली और कुर्की की कार्यवाही करने के निर्देश एसडीएम को दिए गए।
लोकसेवा गारंटी और उद्योग विभाग पर जोर
कलेक्टर ने लोक सेवा केंद्र से प्राप्त आवेदनों का समय सीमा के भीतर निराकरण करने और प्रकरण निरस्त न करने के निर्देश दिए। वहीं उद्योग विभाग को हितग्राहियों का चयन गुणवत्ता के साथ करने और योजनाओं में तेजी से प्रगति लाने पर बल दिया।
उन्होंने नगरीय निकायों को प्राप्त आवंटन राशि का तत्काल उपयोग करने और जिला पंचायत सीईओ को पीएम जनमन एवं अन्य निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश भी दिए।
बाल कल्याण और आयुष्मान कार्ड पर निर्देश
बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग को शनिवार तक बाल संप्रेक्षण गृह को नए भवन में शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, बचे हुए लाभार्थियों के आयुष्मान-व्यवंदन कार्ड और आधार अपडेटेशन की प्रक्रिया में तेजी लाने को कहा गया।
राजस्व विभाग की अलग समीक्षा
कलेक्टर अजीत वसन्त ने राजस्व विभाग के कार्यों की अलग बैठक लेकर नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन, त्रुटि सुधार और नक्शा बटांकन से जुड़े मामलों में प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने लंबित प्रकरणों को प्राथमिकता से निपटाने और विशेष रूप से 3 से 5 वर्ष पुराने मामलों को 3 सप्ताह के भीतर समाप्त करने के निर्देश दिए।
बैठक में जिला पंचायत सीईओ दिनेश नाग, अपर कलेक्टर देवेंद्र पटेल, सभी एसडीएम, विभागीय अधिकारी और उपक्रमों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
