कोरबा। जिला पंचायत कोरबा द्वारा गठित जिला स्तरीय जांच समिति की रिपोर्ट में ग्राम पंचायत लालपुर, जनपद पंचायत पोड़ीउपरोड़ा में 15वें वित्त आयोग की राशि के बड़े दुरुपयोग का खुलासा हुआ है। जांच में यह स्पष्ट रूप से सामने आया है कि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में जिन निर्माण कार्यों को पूर्ण दर्शाकर भुगतान किया गया, वे कार्य वास्तविक रूप से स्थल पर कराए ही नहीं गए। जांच समिति ने कुल ₹8,64,353 की वित्तीय अनियमितता की पुष्टि की है।
जांच में पाए गए प्रमुख मामले
जांच प्रतिवेदन के अनुसार चार प्रमुख निर्माण कार्यों में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं—
सी.सी. रोड निर्माण (संतोष दुकान से डैम साइड तक)
इस कार्य के नाम पर राशि का भुगतान किया गया, लेकिन स्थल निरीक्षण में निर्माण कार्य नहीं पाया गया। कैशबुक व वाउचर में राशि अन्य मदों में खर्च दर्शाई गई, जबकि ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में सीसी रोड निर्माण दर्शाया गया।
सी.सी. रोड निर्माण (सोसायटी पहुंच मार्ग)
इस सड़क का निर्माण जल संसाधन विभाग द्वारा कराया गया था, इसके बावजूद गलत जियोटैग कर ग्राम पंचायत द्वारा ₹2 लाख की राशि राज ट्रेडर्स को अग्रिम भुगतान कर दी गई। आवश्यक प्रस्ताव, तकनीकी और प्रशासकीय स्वीकृति भी नहीं ली गई।
लालपुर बस्ती में मंच निर्माण
मंच निर्माण के नाम पर ₹2.48 लाख का भुगतान दर्शाया गया, लेकिन जांच दल के निरीक्षण में मंच का अस्तित्व नहीं मिला। जियोटैग की गई तस्वीरें निजी मकान के हिस्से की प्रतीत हुईं। तकनीकी समिति ने भी मूल्यांकन असंभव बताया।
पंचायत भवन के पास मंच निर्माण
इस कार्य में ₹95,000 सहित अन्य राशि का भुगतान किया गया, परंतु देयक मंच निर्माण सामग्री से संबंधित नहीं पाया गया। ग्राम सभा प्रस्ताव, तकनीकी स्वीकृति और उप अभियंता द्वारा ले-आउट जैसी अनिवार्य प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया। ई-ग्राम स्वराज में दर्ज कार्य के अनुरूप निर्माण नहीं पाया गया।
प्रधानमंत्री आवास योजना में भी अनियमितता
जांच में यह भी सामने आया कि श्री गौतम सारथी, जिनकी 06 दिसंबर 2024 को जल संसाधन विभाग में शासकीय नियुक्ति हो चुकी थी, उन्हें इसके बावजूद प्रधानमंत्री आवास (ग्रामीण) योजना का लाभ दिया गया।
उन्हें ₹40,000 की प्रथम किस्त और, मनरेगा के तहत ₹18,792 की मजदूरी राशि का भुगतान किया गया।
जांच समिति ने स्पष्ट किया कि शासकीय सेवा में आने के बाद संबंधित हितग्राही को योजना से अपात्र घोषित किया जाना चाहिए था, लेकिन सरपंच एवं सचिव द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई।
जांच समिति ने अपने निष्कर्ष में कहा कि—
ई-ग्राम स्वराज पोर्टल में चार निर्माण कार्यों के लिए भुगतान दर्ज है, लेकिन स्थल पर कार्य पूर्ण नहीं पाया गया। कुल ₹8,64,353 का अनियमित व्यय प्रमाणित होता है। प्रधानमंत्री आवास योजना में अपात्र व्यक्ति को लाभ देना सरपंच एवं सचिव की गंभीर लापरवाही है।
प्रशासनिक कार्रवाई
जांच रिपोर्ट के आधार पर जिला पंचायत कोरबा ने पंचायत सचिव मोहम्मद हसन को निलंबित कर दिया है,
वहीं वर्तमान सरपंच धनेश्वर सिंह ओरकेरा और पूर्व सरपंच संतोषी नेटी से राशि वसूली की प्रक्रिया पंचायती राज अधिनियम की धारा 92 के तहत शुरू कर दी गई है।
