कलेक्टर अजीत वसंत के मार्गदर्शन में शासकीय कन्या साडा उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, टीपी नगर में बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान के अंतर्गत लिंग आधारित हिंसा समाप्ति हेतु 16 दिवसीय विशेष जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं में आत्मविश्वास, सुरक्षा जागरूकता और लैंगिक समानता के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा।
कार्यक्रम के दौरान वीरांगना दिवस मनाते हुए छात्राओं को भारतीय इतिहास की महान वीर नारियों—रानी लक्ष्मीबाई, अवंतीबाई, आहिल्याबाई होलकर, सरोजिनी नायडू, तथा छत्तीसगढ़ की वीरांगनाएं मिनीमाता और बहादुर कलारीन—के जीवन संघर्ष, नेतृत्व क्षमता और साहसिक योगदान से अवगत कराया गया। इन प्रेरक कहानियों के माध्यम से बालिकाओं को अपने व्यक्तित्व में आत्मविश्वास और नेतृत्व गुण विकसित करने के लिए प्रोत्साहित किया गया।
कार्यक्रम में बालिकाओं के लिए विभिन्न समसामयिक प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं, जिसमें विजेता छात्राओं को पुरस्कार प्रदान किए गए। साथ ही महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा चलाए जा रहे महत्वपूर्ण योजनाओं एवं कानूनों की जानकारी भी दी गई, जिनमें—
लैंगिक समानता,
प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना,
मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना,
सखी वन स्टॉप सेंटर,
साइबर सुरक्षा,
आपातकालीन नंबर (112, 181, 1098, 1930),
सुकन्या समृद्धि योजना,
घरेलू हिंसा संरक्षण अधिनियम 2005,
दहेज प्रतिषेध अधिनियम 1961,
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम 2006,
पॉक्सो एक्ट
आदि शामिल हैं। इस संबंध में छात्राओं को जागरूकता ब्रोशर भी वितरित किए गए।
कार्यक्रम समापन के दौरान उपस्थित सभी छात्राओं, प्राचार्य, शिक्षकों और महिला एवं बाल विकास विभाग के अधिकारियों ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ तथा बाल विवाह मुक्त भारत का संकल्प लिया।
इस अवसर पर जिला कार्यक्रम अधिकारी बसंत मिंज, जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी गजेंद्र देव सिंह, जिला मिशन समन्वयक रत्ना नामदेव, जेंडर विशेषज्ञ तुलेश्वर दुबे, कीर्तन प्रसाद तथा चाइल्डलाइन टीम के सदस्य उपस्थित रहे।
