विधानसभा में गूंजा बस्तर का मुद्दा: लता उसेंडी ने यात्री सुरक्षा और मत्स्य पाठ्यक्रम पर उठाए सवाल

कोण्डागांव, 15 जुलाई 2025: विधानसभा सत्र के दौरान कोण्डागांव विधायक लता उसेंडी ने बस्तर संभाग की प्रमुख समस्याओं को सदन में पुरजोर तरीके से उठाया। उन्होंने क्षेत्र में यात्री परिवहन, महिला सुरक्षा और मत्स्य पालन शिक्षा जैसे अहम मुद्दों पर सरकार से जवाब मांगा।

 

यात्री बस हादसों और महिला सुरक्षा पर चिंता

 

विधायक लता उसेंडी ने रायपुर-बस्तर और दंतेवाड़ा रूट पर चलने वाली बसों की संख्या, परमिट, समय-सारणी और हादसों के आंकड़ों की जानकारी मांगी। उन्होंने यह भी पूछा कि इन रूटों पर महिला यात्रियों की सुरक्षा के लिए क्या विशेष उपाय किए गए हैं और क्या कोई हेल्पलाइन नंबर जारी किया गया है।

 

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने जवाब में बताया कि पिछले दो वर्षों में इन रूटों पर कुल 73 बस दुर्घटनाएं दर्ज हुई हैं, जिनमें 169 लोग घायल हुए और 32 लोगों की मृत्यु हुई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पीड़ितों को अब तक कोई आर्थिक सहायता नहीं दी गई है। महिला सुरक्षा के संबंध में मोटरयान नियम 1994 के तहत ही परमिट जारी किए जाते हैं, लेकिन विभाग द्वारा कोई हेल्पलाइन नंबर जारी नहीं किया गया है।

 

बस्तर में नहीं चल रहे मत्स्य पाठ्यक्रम

 

विधायक उसेंडी ने बस्तर संभाग में मत्स्य पालन से संबंधित शिक्षा और रोजगार के अवसरों पर भी सवाल उठाए। सरकार ने बताया कि राज्य में अब तक डीएफएससी पाठ्यक्रम से 465 विद्यार्थी उत्तीर्ण हुए हैं, जिनमें से 70 को सरकारी नौकरी मिली है। हालांकि, बस्तर संभाग में इस विषय पर कोई पाठ्यक्रम संचालित नहीं किया जा रहा है और न ही निकट भविष्य में ऐसी कोई योजना प्रस्तावित है।

 

स्वरोजगार के अवसर और योजनाएं

 

सरकार ने बताया कि मत्स्य पालन नीति 2022 के तहत युवाओं को तालाब और जलाशयों की पट्टा आवंटन के लिए ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध कराई गई है, जिससे स्वरोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है।

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