नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा के सीएमओ पर उपेक्षापूर्ण कार्य का गंभीर आरोप लगा है। मोंगरा बस्ती वार्ड क्रमांक 03 में विशाल सूखा बरगद का पेड़ कई महीनों से खतरे की आशंका बना हुआ था। बार-बार की गई शिकायतों, आवेदन और "सुशासन तिहार" में दर्ज मांगों के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई।
5 महीने से शिकायत, नहीं हुई सुनवाई पेड़ गिरा, घर तबाह – मासूम घायल
17 जून को वही सूखा बरगद का एक हिस्सा टूटकर वार्डवासी मनोज दास उर्फ मंगलू दास के मकान पर गिर गया, जिससे पूरा घर और घरेलू सामान बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे में उसके नाबालिग बेटे आलोक दास को गंभीर चोटें आईं। पीड़ितों ने बताया कि जनवरी से जून तक नगर पालिका को कई बार सूचित किया गया, पर सीएमओ समेत अन्य जिम्मेदार अफसरों ने जानबूझकर अनदेखी की। जब बांकीमोंगरा थाने में रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई तो पीड़ितों ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई।
लापरवाही नहीं, यह मानवजनित आपदा – FIR की मांग
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि यह प्राकृतिक नहीं बल्कि मानवजनित दुर्घटना है, और इसके लिए नगर पालिका के सीएमओ व अन्य अधिकारी जिम्मेदार हैं। दोषियों पर एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए तथा नुकसान की भरपाई की जाए।
प्रदर्शन की चेतावनी पर पहुंची टीम, दी गई मदद
घटना से नाराज वार्डवासियों ने 18 जून को पालिका का घेराव करने का ऐलान किया। आंदोलन रोकने की कोशिश में भाजपा नेता, पालिकाध्यक्ष व अधिकारी मौके पर पहुंचे। पालिकाध्यक्ष ने 5000 रुपये की तत्काल सहायता दी और नुकसान का सर्वे कराया। अब राहत कितनी मिलेगी, ये वक्त तय करेगा।
