Anp News Live Korba एल्यूमिनियम उत्पादन को बेहतर, सुरक्षित और आधुनिक बनाने में बालको के इंजीनियर महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। संयंत्र में काम करने वाले इंजीनियर रोजाना प्रक्रियाओं, तकनीक और आंकड़ों का अध्ययन कर नए समाधान तलाशते हैं। उनका प्रयास उत्पादन बढ़ाने के साथ-साथ गुणवत्ता, सुरक्षा और संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी केंद्रित है।
बालको अब 1 मिलियन टन प्रतिवर्ष एल्यूमिनियम उत्पादन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। इस लक्ष्य के साथ कंपनी उत्पादन क्षमता बढ़ाने के अलावा अपनी प्रक्रियाओं को और मजबूत, स्मार्ट और टिकाऊ बनाने पर भी काम कर रही है। इस पूरी प्रक्रिया में इंजीनियरों का तकनीकी ज्ञान और समस्या का समाधान खोजने की क्षमता अहम भूमिका निभा रही है।
बालको की 525 किलोएम्पियर पॉटलाइन जैसी आधुनिक उत्पादन व्यवस्था में काम करना इंजीनियरों के लिए बड़ी जिम्मेदारी है। यहां छोटी-सी प्रक्रिया में किया गया सुधार भी उत्पादन और गुणवत्ता पर बड़ा असर डाल सकता है।
छोटे बदलाव से बड़े सुधार की कोशिश
पॉटलाइन संचालन से जुड़ी इंजीनियर प्रियंका साहू ने बताया कि 525 किलोएम्पियर पॉटलाइन जैसी तकनीकी व्यवस्था के साथ काम करने से लगातार सीखने और नए प्रयोग करने का अवसर मिलता है। उनके अनुसार, उत्पादन प्रक्रिया में किए गए छोटे-छोटे सुधार भी बड़े परिणाम दे सकते हैं।
एआई और डेटा से लिए जा रहे बेहतर फैसले
बालको की डिजिटल टीम से जुड़े नवप्रीत सिंह घई के अनुसार, संयंत्र की अलग-अलग प्रक्रियाओं से बड़ी मात्रा में डेटा तैयार होता है। एआई और डेटा आधारित तकनीकों की मदद से इस जानकारी का विश्लेषण कर प्रक्रियाओं में होने वाले बदलावों को समझा जा सकता है।
इससे संभावित समस्याओं की पहचान पहले ही करने और समय पर जरूरी कदम उठाने में मदद मिलती है। तकनीक के इस्तेमाल से उत्पादन प्रक्रिया को नए नजरिए से देखने का अवसर भी मिल रहा है।
गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर
प्रक्रिया एवं गुणवत्ता नियंत्रण टीम से जुड़े अज्लान शरीफ ने बताया कि रोजाना किसी प्रक्रिया के साथ काम करने से उसमें होने वाले छोटे बदलावों को समझना आसान होता है। टीम आंकड़ों और जमीनी स्थिति का मिलान कर समस्या के कारणों को पहचानने का प्रयास करती है।
उनके अनुसार, कई बार किसी बड़ी समस्या का समाधान प्रक्रिया के सही चरण में किए गए छोटे सुधार से ही निकल आता है। लगातार किए गए ऐसे सुधार समय के साथ पूरी प्रक्रिया की कार्यक्षमता बढ़ाते हैं।
संसाधनों के बेहतर उपयोग पर भी काम
कास्टहाउस से जुड़ी आशिका सिंह ने बताया कि इंजीनियरों का काम केवल पिघले हुए एल्यूमिनियम को तैयार उत्पाद में बदलने तक सीमित नहीं है। ऊर्जा की बचत, सामग्री के बेहतर उपयोग और उत्पादन प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने पर भी लगातार काम किया जा रहा है।
ऐसे प्रयासों से उत्पादन में अधिक मूल्य जोड़ने के साथ पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव को कम करने में भी मदद मिलती है।
3000 इंजीनियर निभा रहे अहम भूमिका
बालको की पूरी एल्यूमिनियम मूल्य श्रृंखला में बालको और उसके बिजनेस पार्टनर के करीब 3000 इंजीनियर कर्मचारी तकनीकी ज्ञान, डिजिटल तकनीक और समस्या समाधान की क्षमता के साथ काम कर रहे हैं।
इंजीनियर्स डे के अवसर पर इन इंजीनियरों की भूमिका को रेखांकित करते हुए कहा गया कि उनका योगदान केवल आज के उत्पादन को बेहतर बनाने तक सीमित नहीं है। वे सुरक्षा, गुणवत्ता, उत्पादकता और टिकाऊ विकास को मजबूत करने के साथ बालको को भविष्य की जरूरतों और बड़े पैमाने के उत्पादन के लिए तैयार करने में भी योगदान दे रहे हैं।
