रायपुर। राजधानी रायपुर के आजाद चौक थाना क्षेत्र स्थित ईदगाहभाठा में कृष्ण जन्माष्टमी के दौरान पंडाल लगाने को लेकर दर्ज आपराधिक प्रकरण अब छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट पहुंच गया है। ट्रायल कोर्ट से सभी आरोपियों के बरी होने के बाद छत्तीसगढ़ शासन ने फैसले को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में अपील दायर की है। मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. शरद पाण्डेय ने पक्ष रखते हुए न्यायालय में प्रभावी पैरवी की।
ट्रायल कोर्ट ने सभी आरोपियों को किया था बरी
इस मामले में न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, रायपुर ने अभियोजन पक्ष द्वारा आरोपों को संदेह से परे सिद्ध नहीं कर पाने के आधार पर सभी आरोपियों को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 191(3), 333, 296(4) एवं 324(5) के आरोपों से दोषमुक्त कर दिया था। अदालत ने अपने फैसले में उल्लेख किया था कि प्रमुख गवाहों ने समझौता कर लिया और न्यायालय में अपने पूर्व बयानों का समर्थन नहीं किया, जिसके कारण अभियोजन आरोप सिद्ध करने में असफल रहा।
शासन ने हाईकोर्ट में दायर की अपील
ट्रायल कोर्ट के इस निर्णय के विरुद्ध छत्तीसगढ़ शासन ने हाईकोर्ट में अपील प्रस्तुत की है। मामले में हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. शरद पाण्डेय ने बताया कि शासन की अपील पर सुनवाई करते हुए माननीय छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट, बिलासपुर ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है।
हाईकोर्ट में होगी मामले की सुनवाई
अधिवक्ता डॉ. शरद पाण्डेय के अनुसार, नोटिस जारी होने के बाद अब मामले की नियमित सुनवाई हाईकोर्ट में होगी। इस दौरान ट्रायल कोर्ट के फैसले की वैधानिकता और अपील में उठाए गए बिंदुओं पर न्यायालय विचार करेगा।
अभी अंतिम फैसला आना बाकी
फिलहाल हाईकोर्ट ने केवल अपील स्वीकार कर संबंधित पक्षों को नोटिस जारी किया है। मामले में अंतिम निर्णय अभी आना शेष है और आगामी सुनवाई के बाद ही आगे की कानूनी स्थिति स्पष्ट होगी।
