बहराइच जिला कृषि अधिकारी डॉ. सूबेदार यादव ने बताया है कि वर्तमान में जिले में 3510 मैट्रिक टन यूरिया, 5186 मैट्रिक टन डीएपी, 2925 मैट्रिक टन एनपीके एवं 13201 मैट्रिक टन सिंगल सुपर फास्फेट उर्वरक उपलब्ध है। जनपद की सभी समितियो पर भी उर्वरक उपलब्ध है। उन्होंने बताया कि अब तक जनपद में 59795 मैट्रिक टन यूरिया का वितरण किया गया है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जनपद की 23 समितियो, साधन सहकारी समिति रामटेडिया मिहीपुरवा, चेतरा, अलादातपुर, उमरीदहलो, रसूलाबाद गजाधरपुर, नेवासी, अलंसार कपूरपुर, जिगना, विशुनापुर, बलदुपुरवा, शाहपुरकला, खुटेहना, सेवाढा, पुरैना, विशेश्वरगंज, पहलवारा, खजुरार, बहादुरापुर, धर्मनपुर, हरदी एवं भवानीपुर 13.5-13.5 मैट्रिक टन उर्वरक भेजा गया है। इस तरह जनपद की कुल 23 समितियो पर 6900 बोरी यूरिया भेजी गयी है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि किसानों को शासन द्वारा निर्धारित मानक के अनुसार उर्वरक का वितरण सुनिश्चित कराये जाने हेतु जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी के निर्देश पर सीमावर्ती व अन्य क्षेत्रों में लगातार छापामारी की कार्यवाही की जा रही है। जनपद में उर्वरक की कालाबाजारी में संलिप्त 03 व्यक्तियों तथा 01 उर्वरक विक्रेता के विरूद्ध एफआईआर दर्ज करायी गई तथा 05 व्यक्तियों को जेल भेजा गया है। उन्होंने बताया कि अब तक जिले में 12 व्यक्तियों का लाइसेंस निरस्त किया गया है
तथा 26 उर्वरक विक्रेताओं का लाइसेंस निलम्बित भी किया गया है। सीमावर्ती क्षेत्र में एसएसबी व पुलिस विभाग से समन्वय कर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। जिले की सभी समितियों एवं विक्रय केन्द्रों पर पुलिस, राजस्व व कृषि विभाग की देख-रेख में उर्वरक का वितरण कराया जा रहा है। उर्वरक वितरण के सम्बन्ध में शिकायत प्राप्त होने पर कड़ी कार्यवाही की जा रही है।
जिला कृषि अधिकारी ने बताया कि जिलाधिकारी के निर्देश पर ए.आर. को-आपरेटिव, जिला प्रबंधक पीसीएफ एवं इफको के प्रतिनिधि के साथ प्रतिदिन बैठक कर उर्वरक की उपलब्धता एवं वितरण की समीक्षा की जाती है तथा जिन समितियों पर पांच मैट्रिक टन से कम यूरिया उपलब्ध होती है वहां उर्वरक भेजने की कार्रवाई की जा रही है। जनपद में उर्वरक की कमी नहीं लगातार यूरिया रैक प्राप्त हो रही है।
जिले को प्राप्त होने वाली उर्वरक को सहकारी समितियां एवं प्राइवेट दुकानदारों के यहां भेजा जा रहा है। उन्होंने किसानों को सुझाव दिया है कि यूरिया उर्वरक को एडवांस में खरीद कर भंडारण ना करें। डॉ. यादव ने बताया कि किसानों को समय पर एवं सही मूल्य पर खाद उपलब्ध कराना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
