बिलासपुर यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा को लेकर एक सख्त अभियान छेड़ दिया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री रजनेश सिंह के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (यातायात) रामगोपाल करियारे के नेतृत्व में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए ट्रांसपोर्टरों और भारी वाहन चालकों को सख्त निर्देश दिए गए –
नशे में वाहन चालन सख्त वर्जित
किसी भी चालक को नशे की हालत में वाहन चलाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। विशेषकर ट्रक, हाईवा, ट्रेलर जैसे भारी वाहनों में नशे की स्थिति में वाहन संचालन जानलेवा साबित हो सकता है।
बीमा और प्राथमिक उपचार जरूरी
सभी ट्रक मालिकों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने चालकों का बीमा करवाएं। जिन फर्मों के पास 10 से अधिक चालक हैं, उन्हें समूह बीमा अनिवार्य रूप से कराना होगा। इसके साथ ही, हर वाहन में फर्स्ट एड बॉक्स और फायर एक्सटिंग्विशर की अनिवार्यता भी सुनिश्चित की गई है।
युवा वर्ग सबसे अधिक प्रभावित
जिले में हुई सड़क दुर्घटनाओं के विश्लेषण से पता चला है कि 18 से 35 वर्ष के युवाओं की मृत्यु दर सबसे अधिक है। यह वह उम्र है जब युवा अपने परिवार की जिम्मेदारी उठाते हैं।
तेज रफ्तार और लापरवाही मुख्य कारण
यातायात पुलिस के अनुसार अधिकतर हादसे तेज रफ्तार, नशे में वाहन चलाना, हेलमेट/सीट बेल्ट का न पहनना और मोबाइल फोन के इस्तेमाल जैसे कारणों से होते हैं।
ऑनलाइन चालानी और स्पीड गन से निगरानी
सड़कों पर स्पीड राडार गन और इंटरसेप्टर वाहन से रफ्तार पर नजर रखी जा रही है। नियमों के उल्लंघन पर ऑनलाइन चालान भी काटा जा रहा है।
रात में होती हैं सबसे अधिक दुर्घटनाएं
शाम 6 बजे से रात 9 बजे तक सड़क दुर्घटनाओं की संख्या अधिक पाई गई है। इसलिए इस समय वाहन चलाते समय विशेष सावधानी बरतने की अपील की गई है।
जन भागीदारी की अपील
बिलासपुर यातायात पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि ट्रैफिक सेंस और नियमों का पालन करें, दूसरों को भी पालन के लिए प्रेरित करें ताकि बिलासपुर को एक सुरक्षित, सुगम और अनुशासित यातायात वाला जिला बनाया जा सके।
