कोरबा जिले के मड़वारानी में भू-विस्थापित मजदूर संघ (NFITU) की अहम बैठक हुई, जिसमें रामपुर विधायक फूलसिंह राठिया विशेष रूप से शामिल हुए। बैठक में संघ के अध्यक्ष प्रवीण ओगरे, महासचिव धनाराम खाण्डे सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी व सदस्य मौजूद रहे।
संघ ने प्रबंधन पर मजदूरों की समस्याओं की अनदेखी का आरोप लगाते हुए 22 सितम्बर 2025 से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।
भूविस्थापित मजदूर संघ के अध्यक्ष प्रवीण ओगरे ने बताया कि भूविस्थापित मजदूर संघ एक ट्रेड यूनियन एक्ट के तहत पंजीकृत यूनियन है | जिस कोरबा पवार लिमिटेड अदानी (पताढ़ी) जिला-कोरबा, छत्तीसगढ़, प्लांट में स्थायी एवं ठेकेदारी मजदूर कार्यरत है वे हमारी यूनियन के सदस्य है, प्लांट में हमारी यूनियन की सदस्यता 51% प्रतिशत से अधिक है, हमारा यूनियन भारत सरकार के द्वारा मान्यता प्राप्त नेशनल फ्रंट ऑफ़ इंडियन ट्रेड यूनियन से सम्बंधित है, पवार प्लांट ऑफिस इत्यादि में ID ACT,कारखाना अधिनियम वन एवं पर्यावरण अधिनियम पेमेंट एंड वेजेस एक्ट, विद्युत् उत्पादन से सम्बंधित समस्त नियम लागू होते है ।
प्लांट में पूर्व में लैंको कंपनी जमीन अधिकृत किया था तथा प्लांट की शुरुवात की थी अभी अदानी प्लांट ने हेंडओवर किया गया है, यूनियन के द्वारा कई पत्र दिए जा चुके है कि इन्सेंटीव देने में वर्कर-वर्कर के मध्य पक्षपात ना किया जाय, दीपावली उपहार एक्सग्रेसिया बोनस दिया जाय, मांग पत्र वार्ता किया जाय, वर्कर कमेटी, कैंटीन कमिटी, वेलफेयर कमेटी, स्वाथ्य एवं सुरक्षा कमेटी का गठन कर संचालन किया जाए ।
'स्थायी आदेश 'को हमारा साथ चर्चा कर पंजीकृत कराया जाए सुरक्षा के पुरे उपाय किया जाए परन्तु आपके नियोक्ता, एजेंट अधिकृत अधिकारी ने यूनियन के पदाधिकारी से मौखिक चर्चा नहीं किया गया एवं प्रबंधन द्वारा मौखिक रूप से कानूनी कार्यवाही करने एवं कोर्ट जाने की धमकी दिया जा रहा है, हमारे यूनियन के अधिकांश सदस्य जो आपके कर्मचारी वर्कर है। अपनी जमीन जल, जंगल, पर्यावरण खोया है, 8 वर्ग कि.मी. सी.एस.आर भी नहीं किया गया है। कई कामगार एवं कर्मचारियों को साँस लेने में तकलीफ हो रहा है जिससे हृदय रोग समस्या बढ़ रहा है तथा फसल नष्ट हो रही है पर्यावरण दूषित हो चूका है।
मजदूर संघ की मुख्य मांगें
प्रत्येक कर्मचारी को ₹70,000 एक्सग्रेसिया बोनस दिया जाए।
कर्मचारियों को इंसेंटिव भुगतान किया जाए।
मृत कर्मचारियों के फाइनल सेटलमेंट और बीमा राशि का भुगतान।
ठेका मजदूरों सहित सभी को हर माह की 5 तारीख तक वेतन और वेतन पर्ची।
8 घंटे कार्य समय सुनिश्चित किया जाए, यूनिट 3 और 4 में 12 घंटे की शिफ्ट खत्म हो।
कैंटीन, वर्कर, वेलफेयर, स्वास्थ्य एवं सुरक्षा कमेटी का गठन।
संघ ने आरोप लगाया कि प्रबंधन की ओर से कई बार पत्र देने के बावजूद किसी भी मांग पर चर्चा नहीं की गई। मजदूरों का कहना है कि जमीन, जल-जंगल और पर्यावरण गंवाने के बावजूद उन्हें बुनियादी अधिकारों से वंचित किया जा रहा है।
संघ ने प्रबंधन को 21 सितम्बर तक समाधान निकालने की चेतावनी दी है, अन्यथा 22 सितम्बर से काम बंद हड़ताल शुरू होगी।
इस संबंध में सूचना श्रम आयुक्त, कलेक्टर, एसपी, सांसद ज्योत्सना महंत, पूर्व मंत्री जय सिंह अग्रवाल समेत संबंधित अधिकारियों व नेताओं को भेजी गई है।
