बांकीमोंगरा में विकास पर घमासान, 24 अगस्त को नगर पालिका घेराव की चेतावनी

बांकीमोंगरा। नगर पालिका परिषद बांकीमोंगरा में विकास कार्यों को लेकर पार्षदों और नगर पालिका प्रशासन के बीच विवाद गहराता नजर आ रहा है। पार्षद एवं पीआईसी सदस्य अमिला पटेल सहित कई पार्षदों ने मुख्य नगर पालिका अधिकारी को पत्र सौंपकर विभिन्न वार्डों में मूलभूत सुविधाओं की कथित अनदेखी और विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप लगाया है।

 

सड़क और नाली की बदहाली का मुद्दा

पार्षदों ने विशेष रूप से वार्ड क्रमांक 18 से 30 तक सड़कों की स्थिति पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि कई जगह सड़कें जर्जर हैं, जिससे आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। वहीं नालियों की सफाई और निर्माण कार्यों को लेकर भी शिकायतें सामने रखी गई हैं।

 

बिजली और स्ट्रीट लाइट पर भी नाराजगी

पत्र में वार्डों में स्ट्रीट लाइट की समस्या का भी उल्लेख किया गया है। पार्षदों का आरोप है कि कई पुरानी लाइटें खराब पड़ी हैं और नई लाइट लगाने की जरूरत के बावजूद अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है। इससे रात के समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।

 

कुसमुंडा में पानी की समस्या का आरोप

जनप्रतिनिधियों ने कुसमुंडा क्षेत्र में पेयजल व्यवस्था को लेकर भी नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि कई इलाकों में लोग सीमित जल सुविधा पर निर्भर हैं और टैंकर या पानी की व्यवस्था नियमित नहीं होने से नागरिकों को परेशानी होती है। शिकायत के बावजूद समाधान नहीं होने का आरोप लगाया गया है।

 

विकास कार्यों में भेदभाव का आरोप

पार्षदों ने नगर पालिका को मिलने वाले विभिन्न मदों के फंड के इस्तेमाल को लेकर भी सवाल उठाए हैं। आरोप है कि कुछ क्षेत्रों में बड़े पैमाने पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि कुसमुंडा क्षेत्र के कई वार्ड अपेक्षित विकास से वंचित हैं। पार्षदों ने इसे क्षेत्रीय असमानता और विकास में भेदभाव बताया है।

 

प्रतीक्षालयों की बदहाली पर भी सवाल

कुसमुंडा क्षेत्र के यात्री प्रतीक्षालयों की स्थिति को लेकर भी जनप्रतिनिधियों ने आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि बंद या बदहाल पड़े प्रतीक्षालयों के रखरखाव और नवीनीकरण की दिशा में पर्याप्त कार्रवाई नहीं की जा रही है।

 

23 अगस्त तक कार्रवाई की मांग

पार्षदों ने नगर पालिका प्रशासन से मांग की है कि 23 अगस्त 2026 तक संबंधित वार्डों का निरीक्षण कर समस्याओं का समाधान शुरू किया जाए और आवश्यक विकास कार्यों को गति दी जाए।

 

24 अगस्त को घेराव और तालाबंदी की चेतावनी

पार्षदों ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो 24 अगस्त 2026 को नगर पालिका परिषद का घेराव और तालाबंदी आंदोलन किया जाएगा। जनप्रतिनिधियों ने कहा है कि आंदोलन की जिम्मेदारी नगर पालिका प्रशासन और संबंधित अधिकारियों की होगी।

अब देखना होगा कि पार्षदों की चेतावनी के बाद नगर पालिका प्रशासन इन आरोपों और मांगों को कितनी गंभीरता से लेता है। क्या समय रहते वार्डों की समस्याओं का समाधान किया जाएगा या फिर 24 अगस्त को नगर पालिका में आंदोलन की स्थिति बनेगी, यह आने वाले दिनों में स्पष्ट होगा।

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