ऑनलाइन साइबर ठगी के लिए फर्जी बैंक खातों (म्यूल अकाउंट) की आपूर्ति करने वाले मुख्य आरोपी को रेंज साइबर थाना बिलासपुर ने छह महीने बाद गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कई राज्यों के साइबर गिरोहों को म्यूल बैंक अकाउंट उपलब्ध कराता था और पुलिस की निगरानी से बचने के लिए लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था।
रेंज साइबर थाना बिलासपुर में म्यूल अकाउंट से जुड़े पाँच अलग-अलग मामलों—अपराध क्रमांक 09/2025, 12/2025, 13/2025, 14/2025 और 16/2025—की जाँच जारी थी। लंबे समय से फरार चल रहा मुख्य आरोपी दीपक विश्वकर्मा (45 वर्ष) को पुलिस ने तकनीकी सुरागों के आधार पर गिरफ्तार किया। आरोपी मूलतः हेमुनगर, तोरवा (बिलासपुर) का निवासी है और हाल में रायपुर के अमलीडीह इलाके में रह रहा था।
कैसे चलता था आरोपी का नेटवर्क
जाँच में सामने आया कि आरोपी खुद और दूसरों के नाम पर कई बैंक खातों को खुलवाकर इन्हें 5,000 से 10,000 रुपये प्रति खाता के कमीशन पर साइबर ठगों को उपलब्ध कराता था। ये खाते डिजिटल अरेस्ट स्कैम, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड ऐप, क्रिप्टो इन्वेस्टमेंट, फर्जी KYC अपडेट, टेलीग्राम टास्क और गूगल रिव्यू जैसे साइबर अपराधों में इस्तेमाल किए जाते थे।
पुलिस कार्रवाई की भनक लगने के बाद आरोपी लंबे समय तक फरार रहा और पहचान छिपाने के लिए रेलवे में कोच अटेंडर का काम करने लगा। इसी बहाने वह यूपी, दिल्ली और भोपाल जाकर अपने साथियों तक म्यूल अकाउंट पहुँचाता था।
जाँच कैसे पहुँची आरोपी तक
आईजी बिलासपुर रेंज डॉ. संजीव शुक्ला (भा.पु.से.) और एसपी बिलासपुर रजनेश सिंह (भा.पु.से.) के निर्देशन में साइबर पोर्टल पर दर्ज संदिग्ध खातों की गहन जाँच की गई।
बैंक लेन-देन, एक ही व्यक्ति के अनेक खातों, डिजिटल ट्रेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की मदद से म्यूल अकाउंट श्रृंखला का खुलासा हुआ।
पीड़ितों से संपर्क कर जानकारी जुटाई गई और मुख्य सप्लायर की भूमिका स्पष्ट हुई। लगातार मॉनिटरिंग के बाद आरोपी को बिलासपुर में खाता लेने की कोशिश करते समय घेराबंदी कर पकड़ा गया।
पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि वह अपने बेटे के कहने पर पहले खुद कई खाते खुलवाता था और बाद में अन्य लोगों को कमीशन देकर खाते इकट्ठे करता था। इन्हें वह विभिन्न राज्यों में सक्रिय साइबर गिरोहों तक पहुँचाता था।
टीम का योगदान
इस कार्रवाई में
सीएसपी सिविल लाइन निमितेश सिंह
निरीक्षक गोपाल सतपथी (प्रभारी, रेंज साइबर थाना)
सउनि सुरेश पाठक,
प्रधान आरक्षक सैयद साजिद
आरक्षक विक्कू सिंह ठाकुर
का उल्लेखनीय योगदान रहा।
रेंज साइबर पुलिस का कहना है कि म्यूल अकाउंट से जुड़े और भी लोगों की तलाश जारी है और जल्द ही नेटवर्क के अन्य सदस्यों पर भी कार्रवाई की जाएगी।
