कोण्डागांव, 1 सितंबर 2025: जिला मुख्यालय से सटे ग्राम टिमेनार (संकुल केंद्र चेमा, विकासखंड कोण्डागांव) स्थित शासकीय प्राथमिक शाला टिमेनार के बच्चे विगत 3-4 वर्षों से टॉयलेट व बाथरूम जैसी मूलभूत सुविधाओं के अभाव से जूझ रहे हैं।
संवेदनशील और आंतरिक क्षेत्र में बसे इस स्कूल में आज तक न तो टॉयलेट का निर्माण हुआ है, न ही लड़कियों-बच्चों के लिए अलग बाथरूम की व्यवस्था की गई है। बारिश के मौसम में स्थितियां और भी भयावह हो जाती हैं, जब बच्चे खुले में या जंगल में शौच करने को मजबूर होते हैं।
जंगल जाने को मजबूर मासूम बच्चे, जानवरों से खतरा

बच्चे जब जंगल की ओर टॉयलेट के लिए जाते हैं, तो उन्हें सांप, बिच्छू व अन्य जंगली जीवों के खतरे का भी सामना करना पड़ता है। इससे बच्चों की सुरक्षा और मानसिक स्वास्थ्य दोनों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है।
आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
CAC (सामुदायिक कार्रवाई समिति) और SMC (स्कूल प्रबंधन समिति) के माध्यम से कई बार लिखित आवेदन देकर शासन-प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया गया। ग्राम सभा में भी यह मुद्दा उठाया गया, लेकिन अफसोस की बात है कि अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है।
बारिश में ढह गया एकमात्र टॉयलेट

बारिश के चलते जो एकमात्र अस्थायी टॉयलेट मौजूद था, वह भी ढह चुका है। अब स्कूल के बच्चे बिल्कुल बिना किसी सुविधा के शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। लड़कियों के लिए यह स्थिति और भी दयनीय बन गई है।
प्रशासनिक उदासीनता पर उठे सवाल

अंदरूनी क्षेत्र होने के कारण शासन और प्रशासन की ओर से लगातार उपेक्षा झेल रहे इस स्कूल की स्थिति ने शिक्षा के बुनियादी ढांचे की पोल खोल दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि अगर जल्द ही टॉयलेट और बाथरूम की व्यवस्था नहीं की गई, तो बच्चों की शिक्षा पर विपरीत असर पड़ेगा और स्कूल ड्रॉपआउट की संख्या भी बढ़ सकती है।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से मांग की जाती है कि इस गंभीर समस्या का त्वरित संज्ञान लें और बच्चों के लिए सुरक्षित, स्वच्छ और सम्मानजनक वातावरण सुनिश्चित करें।
