रायगढ़-रेलवे स्टेशन के सामने लंबे समय से स्थित मजार को हटाने को लेकर अब प्रशासनिक स्तर पर कार्रवाई तेज हो गई है। मजार को हटाने के लिए पूर्व में कई बार नोटिस जारी किए जा चुके थे, लेकिन अब तक स्थिति जस की तस बनी हुई थी। ऐसे में गुरुवार को रेलवे अधिकारियों ने संबंधित समाज के लोगों से बातचीत कर मजार को तत्काल विस्थापित करने की बात कही है।
अमृत भारत योजना के तहत चल रहा सौंदर्यीकरण कार्य
उल्लेखनीय है कि अमृत भारत योजना के अंतर्गत रायगढ़ रेलवे स्टेशन के अंदर और बाहर व्यापक सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है। स्टेशन की दीवारों को राजा महल की तर्ज पर विकसित किया जा रहा है, वहीं स्टेशन के बाहर यात्रियों की सुविधा के लिए रन एंड गो व्यवस्था के तहत चौड़ी सड़क का निर्माण किया जा रहा है, जिससे आवागमन सुगम हो सके।
सड़क निर्माण में बन रही बाधा
रेलवे स्टेशन के सामने लगभग 50 वर्षों से एक मजार स्थित है, जो वर्तमान में प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य में बाधा बन रही है। इसी कारण रेलवे विभाग द्वारा लंबे समय से मजार हटाने को लेकर नोटिस जारी किए जा रहे थे, ताकि निर्माण कार्य में किसी प्रकार की रुकावट न आए।
धार्मिक भावनाओं का रखा गया पक्ष
गुरुवार को रेलवे अधिकारियों द्वारा मजार से जुड़े समाज के लोगों से चर्चा की गई। समाज के लोगों ने बताया कि मजार काफी पुरानी है और इसे हटाने से धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंच सकती है। उन्होंने मांग की कि मजार हटाने से पहले उसके लिए वैकल्पिक स्थान उपलब्ध कराया जाए, ताकि वहां पुनः इसकी स्थापना की जा सके।
नए स्थल की हुई पहचान
समाज के लोगों की मांग को ध्यान में रखते हुए रेलवे विभाग द्वारा पैठू डबरी नाला के पास एक स्थल चिन्हित किया गया है, जहां मजार के विस्थापन की तैयारी की जा रही है। फिलहाल दोनों पक्षों के बीच सहमति के आधार पर आगे की प्रक्रिया पर चर्चा चल रही है।
प्रशासन की प्राथमिकता—निर्माण भी, सौहार्द भी
रेलवे अधिकारियों का कहना है कि विकास कार्य के साथ-साथ सामाजिक और धार्मिक सौहार्द बनाए रखना भी प्रशासन की प्राथमिकता है। इसी दिशा में समन्वय बनाकर मजार के विस्थापन की प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।
