रायगढ़ में शुरू हुई पाइपलाइन गैस परियोजना, भविष्य में घर-घर पहुंचेगी रसोई गैस

रायगढ़। रायगढ़ शहर के नागरिकों को आने वाले वर्षों में रसोई गैस के लिए सिलेंडरों की परेशानी से राहत मिलने वाली है। केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी प्राकृतिक गैस पाइपलाइन परियोजना के तहत रायगढ़ शहर को गैस पाइपलाइन नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में कार्य प्रारंभ हो गया है। राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे गैस पाइप बिछाने का काम जारी है और इसके लिए विभिन्न क्षेत्रों में मशीनों के माध्यम से खुदाई कर पाइपलाइन डाली जा रही है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश में प्राकृतिक गैस के परिवहन को अधिक सुरक्षित, किफायती और सुगम बनाने के उद्देश्य से गेल इंडिया लिमिटेड द्वारा नागपुर से झारसुगुड़ा तक गैस पाइपलाइन बिछाई जा रही है। यह परियोजना कई राज्यों और जिलों से होकर गुजर रही है, जिसमें रायगढ़ जिला भी शामिल है। इसी मुख्य पाइपलाइन से रायगढ़ शहर को जोड़ने के लिए कनेक्टिंग लाइन तैयार की जा रही है।

बताया जा रहा है कि रायगढ़ शहर के निकट कांशीचुआं क्षेत्र में मुख्य पाइपलाइन से शहर की ओर गैस आपूर्ति के लिए कनेक्शन प्वाइंट विकसित किया गया है। वर्तमान में पाइपलाइन को शहर की सीमा तक पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इसके बाद शहर के भीतर अलग से गैस वितरण नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जिसके माध्यम से प्रत्येक घर तक पाइपलाइन से गैस पहुंचाई जाएगी।

सिलेंडर बुकिंग की परेशानी होगी खत्म

पाइपलाइन गैस व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को गैस सिलेंडर बुक करने, डिलीवरी का इंतजार करने अथवा गैस समाप्त होने की चिंता नहीं करनी पड़ेगी। घरों में सीधे पाइपलाइन के माध्यम से गैस उपलब्ध होगी और उपभोक्ता जितनी गैस उपयोग करेंगे, उसी के अनुसार बिल का भुगतान करेंगे। इसके लिए स्मार्ट मीटर आधारित आधुनिक प्रणाली विकसित किए जाने की संभावना है, जिससे गैस की खपत का सटीक आकलन किया जा सकेगा।

परिवहन लागत में आएगी कमी

वर्तमान में घरेलू गैस की आपूर्ति गैस एजेंसियों द्वारा सिलेंडरों के माध्यम से की जाती है। गैस को रिफिलिंग प्लांट से ट्रकों के जरिए विभिन्न क्षेत्रों तक पहुंचाया जाता है, जिसमें समय और लागत दोनों अधिक लगते हैं। पाइपलाइन आधारित व्यवस्था लागू होने से परिवहन लागत में कमी आएगी तथा गैस की आपूर्ति अधिक नियमित और सुचारू हो सकेगी। इससे उपभोक्ताओं के साथ-साथ गैस वितरण कंपनियों को भी लाभ मिलेगा।

जिले के 28 गांवों से गुजर रही है परियोजना

यह गैस पाइपलाइन रायगढ़ जिले के कुल 28 गांवों से होकर गुजर रही है। खरसिया विकासखंड के लोधिया, सरवानी, सूती, परसापाली, बोतल्दा, ठुसेकेला, बांसमुंडा, भेलवाडीह, बानीपाथर, रजघटा, कुनकुनी, बेंदोझरिया, कनमुरा, मुरा, नावापारा और किरीतमाल सहित कई गांव इस परियोजना के दायरे में हैं। वहीं रायगढ़ तहसील के उच्चभिठी, गेजामुड़ा, केनापाली, बनसिया, छुहीपाली, लोइंग, बेलरिया और धनागर से भी पाइपलाइन गुजर रही है। पुसौर क्षेत्र के सहदेवपाली, गढ़उमरिया और दर्रामुड़ा गांव भी इस परियोजना में शामिल हैं।

स्मार्ट सिटी की दिशा में एक और कदम

विशेषज्ञों का मानना है कि पाइपलाइन गैस सुविधा शुरू होने से रायगढ़ आधुनिक शहरी सुविधाओं से युक्त शहरों की श्रेणी में शामिल होगा। यह परियोजना न केवल नागरिकों को बेहतर सुविधा उपलब्ध कराएगी, बल्कि स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को भी बढ़ावा देगी। आने वाले समय में पानी और बिजली की तरह गैस भी एक नियमित घरेलू सेवा के रूप में उपलब्ध होगी, जिससे लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।

स्थानीय नागरिकों को उम्मीद है कि परियोजना का कार्य निर्धारित समय में पूरा होगा और उन्हें जल्द ही पाइपलाइन गैस सुविधा का लाभ मिल सकेगा।

Related Post