प्रतापगढ़ में कलेक्टर गेट पर चिपका दिया ज्ञापन, किसानों का फूटा गुस्सा, सरकार को चेतावनी

प्रतापगढ़ में कलेक्टर गेट पर चिपका दिया ज्ञापन, किसानों का फूटा गुस्सा, सरकार को चेतावनी

प्रतापगढ़ जिले के किसानों की लगातार अनदेखी और राहत न मिलने से गुस्साए भारतीय किसान संघ ने जिला मुख्यालय पर जोरदार प्रदर्शन कर सरकार और प्रशासन को खुली चुनौती दे दी। हजारों किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों और वाहनों के काफिले के साथ रैली निकालते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे। Uploaded Imageजैसे ही रैली परिसर में पहुंची, किसानों का गुस्सा फट पड़ा और सरकार विरोधी नारों से पूरा इलाका गूंज उठा। Uploaded Imageकिसानों ने प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री और कृषि मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपने के लिए कलेक्टर को बुलाया, लेकिन कलेक्टर के बाहर नहीं आने से किसानों का आक्रोश सातवें आसमान पर पहुंच गया। नाराज किसानों ने ऐतिहासिक कदम उठाते हुए कलेक्ट्रेट गेट पर ही ज्ञापन चिपका दिया और गरजते हुए साफ चेतावनी दी—"अगर हमारी मांगें पूरी नहीं हुईं तो आने वाले दिनों में जिले का चक्का जाम कर देंगे।"Uploaded Image

ज्ञापन में किसानों ने फसल खराबी का मुआवजा, बीमा कंपनियों से अटकी राशि का तुरंत भुगतान और कृषि समस्याओं के त्वरित समाधान की मांग रखी। किसान नेताओं ने कहा कि प्राकृतिक आपदाओं से लगातार फसलें चौपट हो रही हैं, मगर सरकार और बीमा कंपनियों की बेरुखी ने किसानों को कर्ज और निराशा की दलदल में धकेल दिया है। Uploaded Imageकिसान नेताओं ने गरजते हुए कहा—“अब और सब्र नहीं होगा, सरकार अगर तुरंत राहत पैकेज घोषित नहीं करती तो आंदोलन की आग हर गांव-गांव तक फैलाई जाएगी।”

प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने कड़ा बंदोबस्त किया, लेकिन किसानों का आक्रोश इतना प्रचंड था कि प्रशासनिक इंतजाम भी बेअसर नजर आए। किसानों ने स्पष्ट चेतावनी दी कि यह सिर्फ शुरुआत है। आने वाले दिनों में सड़कों पर तालाबंदी, धरना और उग्र प्रदर्शन होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।Uploaded Imageकिसानों ने बताया कि जिम्मेदार जिला कलेक्टर किसानो की व्यथा सुनाने के बजाय जिला कलेक्टर कार्यालय से अन्य गेट से निकल गई जो सरासर गलत है।