धान खरीदी में लापरवाही पर जिला प्रशासन सख्त तीन समिति प्रबंधक निलंबित

रायगढ़। जिले में धान खरीदी केंद्रों पर लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने कड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही के आरोप में 3 समिति प्रबंधकों को निलंबित किया गया है, जबकि 2 अन्य समिति प्रबंधकों से वित्तीय प्रभार छीन लिया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि धान खरीदी में किसी भी तरह की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

किसानों की शिकायतों के बाद हुई जांच

प्रशासन के अनुसार किसानों द्वारा धान खरीदी में अनियमितताओं को लेकर समय-समय पर शिकायतें की जा रही थीं। इन शिकायतों के आधार पर सहकारिता विभाग ने जिले के विभिन्न धान खरीदी केंद्रों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कई केंद्रों पर गंभीर लापरवाही सामने आई।

ढाला पद्धति की अनदेखी, बिना जांच के तौल

सहकारिता विभाग के उप आयुक्त ने बताया कि कई समितियों में शासन द्वारा निर्धारित ढाला पद्धति से धान की जांच नहीं की जा रही थी। किसानों द्वारा बोरे में लाए गए धान की गुणवत्ता जांचे बिना ही उसे सीधे सरकारी बोरों में भरकर तौल किया जा रहा था, जो नियमों का खुला उल्लंघन है।

दो समिति प्रबंधकों का वित्तीय प्रभार समाप्त

जांच में दोषी पाए जाने पर जमरगीडी सेवा सहकारी समिति के सहायक समिति प्रबंधक एवं धान खरीदी प्रभारी दीनबंधु पटेल को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनका वित्तीय प्रभार समाप्त कर दिया गया।

इसी तरह आदिम जाति सेवा सहकारी समिति मर्यादित कापू के सहायक समिति प्रबंधक श्यामनारायण दुबे द्वारा भी शासन निर्देशों की अनदेखी पाई गई, जिसके चलते उनका भी वित्तीय प्रभार तत्काल प्रभाव से खत्म कर दिया गया।

छाल और कोड़ासिया केंद्र के प्रबंधक निलंबित

धान खरीदी केंद्र छाल के सहायक समिति प्रबंधक ठंडाराम बेहरा तथा कोड़ासिया केंद्र के समिति प्रबंधक एवं फड़ प्रभारी प्रहलाद बेहरा पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगे थे। दोनों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन कोई जवाब नहीं देने पर प्रशासन ने दोनों को तत्काल निलंबित कर दिया।

खडग़ांव केंद्र में गाली-गलौज और धमकी का मामला

खडग़ांव धान उपार्जन केंद्र में नोडल अधिकारी के खिलाफ गाली-गलौज और धमकी देने की शिकायत मिली थी। जांच में शिकायत सही पाई गई। साथ ही सहायक समिति प्रबंधक कृपाराम राठिया पर भी धान खरीदी में लापरवाही के आरोप साबित हुए। जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्हें भी तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया।

प्रशासन का सख्त संदेश

जिला प्रशासन ने दो टूक कहा है कि धान खरीदी व्यवस्था में पारदर्शिता और किसानों के हितों से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। नियमों की अनदेखी करने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों पर आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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