Anp News जल शक्ति अभियान बना विकसित भारत की मजबूत नींव

Anp News Live Korba प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले 12 वर्षों में देश के जल क्षेत्र में हुए व्यापक बदलावों ने भारत को जल सुरक्षा और सतत विकास की दिशा में नई पहचान दिलाई है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल ने एक लेख में बताया कि जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत मिशन, नमामि गंगे और जल संरक्षण अभियानों ने देश के करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक परिवर्तन लाया है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जल जीवन मिशन आज दुनिया का सबसे बड़ा ग्रामीण पेयजल कार्यक्रम बन चुका है। वर्ष 2019 में जहां केवल 3.23 करोड़ ग्रामीण परिवारों तक नल से जल की सुविधा थी, वहीं अब 15.8 करोड़ से अधिक ग्रामीण परिवारों को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराया जा चुका है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं और बच्चों को पानी लाने में लगने वाले समय से राहत मिली है और उनके जीवन स्तर में सुधार हुआ है।

उन्होंने बताया कि स्वच्छ भारत मिशन ने भी देश में स्वच्छता को जन आंदोलन का रूप दिया है। इस अभियान के तहत करोड़ों शौचालयों का निर्माण किया गया, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को सम्मान और सुरक्षा मिली। विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार इस अभियान से लाखों लोगों को जलजनित बीमारियों से बचाने में मदद मिली है।

जल संरक्षण के क्षेत्र में भी भारत ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। "जल संचय जन भागीदारी" अभियान के तहत देशभर में 1.55 करोड़ से अधिक वर्षा जल संचयन और भूजल रिचार्ज संरचनाओं का निर्माण किया गया है। इन प्रयासों के कारण कई क्षेत्रों में भूजल स्तर में सुधार देखने को मिला है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश की पहली बड़ी नदी जोड़ो परियोजना केन-बेतवा लिंक परियोजना तेजी से आगे बढ़ रही है, जिससे बुंदेलखंड क्षेत्र को जल संकट से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं नमामि गंगे मिशन के तहत गंगा नदी की स्वच्छता और संरक्षण के लिए किए गए प्रयासों के सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। गंगा में प्रदूषण का स्तर कम हुआ है और गंगा डॉल्फिन की संख्या में वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने कहा कि भारत के पास विश्व के कुल मीठे जल संसाधनों का केवल चार प्रतिशत हिस्सा है, जबकि देश में दुनिया की लगभग 18 प्रतिशत आबादी निवास करती है। ऐसे में जल संरक्षण, पुनर्चक्रण और जल प्रबंधन को मजबूत बनाना समय की आवश्यकता है।

सी.आर. पाटिल ने कहा कि जल सुरक्षा केवल पेयजल उपलब्ध कराने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सम्मान, बेहतर स्वास्थ्य, कृषि उत्पादकता, पर्यावरण संरक्षण और देश के समग्र विकास से जुड़ा विषय है। उन्होंने विश्वास जताया कि तकनीक, नवाचार और जनभागीदारी के माध्यम से भारत जल सुरक्षित और विकसित राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।

उन्होंने कहा कि पिछले 12 वर्षों में जल क्षेत्र में हुआ परिवर्तन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व और जनसहभागिता का परिणाम है, जिसने जल को केवल एक संसाधन नहीं बल्कि विकसित भारत के निर्माण का मजबूत आधार बना दिया है।

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