जांजगीर-चांपा, कलेक्टर जन्मेजय महोबे ने आज कलेक्टोरेट सभाकक्ष में साप्ताहिक समय-सीमा की बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने सभी विभागीय अधिकारियों को आमजन से जुड़े मामलों का समयबद्ध, पारदर्शी एवं प्रभावी निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में उन्होंने जिले में नदियों के जल स्तर तथा मिनीमाता हसदेव बांगो परियोजना से छोड़े जा रहे पानी की स्थिति की भी विस्तार से जानकारी ली। संबंधित अधिकारियों ने बताया कि पानी छोड़े जाने के कारण हसदेव नदी के जल स्तर में वृद्धि हो रही है, हालांकि वर्तमान में जिले में बाढ़ की स्थिति नहीं है। जल स्तर की स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जा रही है तथा फिलहाल जल स्तर में कमी आने की स्थिति भी बताई गई। कार्यपालन अभियंता जल संसाधन ने बताया कि मिनीमाता हसदेव बांगो परियोजना के रेडियल गेटो से 40484 क्यूसेक एवं प्लांट हाइडल से 9000 क्यूसेक हसदेव नदी में 49484 क्यूसेक से पानी छोड़ा जा रहा है। पानी की आवक ज्यादा होने से बांध का गेट खोले गए थे। अभी वर्तमान में पानी के आवक में कमी दर्ज की गई है। जिस कारण तटीय इलाकों में पानी का लेवल बढ़ा हुआ है, पर बाढ़ और खतरे जैसे स्थिति नहीं है।
कलेक्टर महोबे ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि नदी-नालों के जल स्तर एवं जल प्रवाह की स्थिति पर सतत निगरानी रखें और संभावित परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करें। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ अलर्ट रहने तथा आवश्यकता पड़ने पर तत्काल आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एनीकट, पुल-पुलिया अथवा अन्य ऐसे स्थान, जहां जल स्तर बढ़ने की स्थिति में पानी ऊपर से बहने लगे, वहां सुरक्षा के दृष्टिकोण से आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने ऐसे स्थानों पर आम नागरिकों के आवागमन को रोकने तथा लोगों को सावधानी बरतने के लिए जागरूक करने कहा। कलेक्टर श्री महोबे ने जिलेवासियों से अपील करते हुए कहा कि नदी, नाले, एनीकट एवं पुल-पुलिया के ऊपर से पानी बहने की स्थिति में उसे पार करने का प्रयास न करें और अपनी सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें। उन्होंने नागरिकों से किसी भी प्रकार की अफवाह पर ध्यान न देने तथा जल स्तर से संबंधित अधिकृत जानकारी पर ही विश्वास करने की अपील की।
पीएम सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने अधिकारियों को योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पात्र हितग्राहियों को योजना की जानकारी देकर अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ दिलाने, लंबित आवेदनों का समयबद्ध निराकरण करने तथा हितग्राहियों के घरों में सोलर रूफटॉप संयंत्र स्थापना की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजना के संबंध में आम नागरिकों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाया जाए तथा आवेदन से लेकर संयंत्र स्थापना एवं अनुदान की प्रक्रिया तक हितग्राहियों को आवश्यक मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाए। कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि बारिश के दौरान सड़कों पर होने वाले गड्ढों को चिन्हांकित कर उनका नियमित रूप से भराव कराया जाए। उन्होंने कहा कि आवागमन में नागरिकों को किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए सड़कों की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यक मरम्मत कार्य प्राथमिकता से सुनिश्चित किया जाए।
कलेक्टर ने जिले के सभी नगरीय निकायों के सीएमओ एवं जनपद पंचायतों के सीईओ को सेग्रीगेशन शेड, डम्पिंग स्थल एवं कचरा प्रबंधन व्यवस्था को लेकर विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि घरों एवं विभिन्न स्थानों से एकत्रित कचरे का उचित पृथक्करण सुनिश्चित करते हुए गीले एवं सूखे कचरे का निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार प्रबंधन किया जाए। सेग्रीगेशन शेड को व्यवस्थित एवं क्रियाशील रखा जाए तथा कचरे का अनियमित रूप से डम्पिंग न हो, यह सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने निकाय एवं पंचायत क्षेत्रों में नियमित साफ-सफाई, कचरा संग्रहण एवं निस्तारण की प्रभावी व्यवस्था बनाए रखने तथा कचरा प्रबंधन में लापरवाही पाए जाने पर जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने समय-सीमा के लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समयावधि में प्रकरणों का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं एवं जनकल्याणकारी कार्यक्रमों का पात्र हितग्राहियों को शत प्रतिशत लाभ मिले। उन्होंने कहा कि विभागीय अधिकारी अपने-अपने विभाग से संबंधित कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग करते हुए प्रगति सुनिश्चित करें। इस दौरान कलेक्टर ने ईऑफिस, पीएम आवास योजना, आयुष्मान सहित अन्य विभागीय योजनाओ की भी समीक्षा की गई। इसके साथ ही पंचायत विभाग, शिक्षा विभाग, विद्युत विभाग, खाद्य विभाग, सहकारिता विभाग, नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा पशु चिकित्सा विभाग सहित अन्य विभागों के कार्यों की विस्तार से समीक्षा की गई तथा आवश्यक निर्देश दिये गए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ विनय कुमार पोयाम, अपर कलेक्टर ज्ञानेन्द्र सिंह ठाकुर, अपर कलेक्टर आर के तम्बोली, अपर कलेक्टर स्निग्धा तिवारी, संयुक्त कलेक्टर संदीप सिंह ठाकुर सहित जिला स्तरीय अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
