कोंडागांव-कांकेर में तेंदुए का आतंक, कई गांवों में हमले से मची दहशत; गर्भवती महिला की मौत के बाद तेंदुआ रेस्क्यू

कोंडागांव, 16 अक्टूबर 2026। सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व और केशकाल वनमंडल क्षेत्र में तेंदुए के लगातार हमलों से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। 14 से 16 अक्टूबर के बीच कारीपानी (बोरई), बस्तरबुडरा और आमगांव क्षेत्र में तेंदुए के हमले की घटनाएं सामने आईं। इन हमलों में कई लोग घायल हुए, जबकि बस्तरबुडरा में घायल हुई छह माह की गर्भवती महिला रमशिला मंडावी की उपचार के दौरान मौत हो गई। लगातार हमलों के बाद वन विभाग की संयुक्त टीम ने 16 अक्टूबर को तेंदुए का सफल रेस्क्यू किया।

 

वन विभाग की प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, 14 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे कारीपानी (बोरई) गांव के तीन लोगों पर तेंदुए ने हमला किया। इसके अगले दिन 15 अक्टूबर की सुबह करीब 5 बजे बस्तरबुडरा गांव में पांच लोगों पर हमला हुआ। घायलों को विश्रामपुरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। गंभीर रूप से घायल दुवारू को कांकेर जिला अस्पताल और रमशिला मंडावी को कोंडागांव जिला अस्पताल रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान रमशिला की मौत हो गई।

 

घटना के बाद केशकाल वनमंडल और सीतानदी-उदंती टाइगर रिजर्व की संयुक्त टीम ने तेंदुए को पकड़ने के लिए अभियान चलाया। इसी दौरान 15 अक्टूबर की शाम करीब 6 बजे कारीपानी में दो और लोगों पर हमले की सूचना मिली। वन विभाग की टीम ने रात में भी रेस्क्यू अभियान जारी रखा, लेकिन तेंदुआ लगातार अपना ठिकाना बदलता रहा।

 

16 अक्टूबर की सुबह बहीगांव-आमानार क्षेत्र के आसपास तेंदुए की मौजूदगी की सूचना मिली। इसके बाद आमगांव में चार लोगों पर हमले की घटना सामने आई। वन विभाग की टीम ने तेंदुए की लोकेशन ट्रेस कर सफलतापूर्वक उसका रेस्क्यू किया। सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है।

 

वन विभाग ने ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील की है। विभाग ने जंगल, झाड़ियों, खेतों और सुनसान स्थानों पर अकेले जाने से बचने तथा आवश्यक होने पर समूह में निकलने की सलाह दी है। तेंदुआ या कोई अन्य हिंसक वन्यप्राणी दिखाई देने पर तत्काल वन विभाग को सूचना देने की अपील की गई है। क्षेत्र में वन विभाग की संयुक्त टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं।

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