जिले की स्वास्थ्य सेवाओं पर कलेक्टर सख्त, घर-घर आभा आईडी बनाने के निर्देश

कलेक्टोरेट सभाकक्ष में आयोजित स्वास्थ्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक में कलेक्टर कुणाल दुदावत ने जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक प्रभावी व जवाबदेह बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्र निर्धारित समय पर संचालित हों, मरीजों की जांच व उपचार में देरी न हो तथा चिकित्सकीय स्टाफ की उपस्थिति अनिवार्य रूप से दर्ज की जाए।

बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों, मलेरिया, कुष्ठ, सिकलसेल स्क्रीनिंग, आयुष्मान कार्ड, आभा आईडी, एचआरपी (उच्च जोखिम गर्भवती), मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण, एनसीडी, एनक्यूएएस, आरबीएसके, एनआरसी सहित विभिन्न योजनाओं की व्यापक समीक्षा की गई।

टीबी नियंत्रण और जांच में तेजी के निर्देश

टीबी नियंत्रण कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान कलेक्टर ने संदिग्ध मरीजों की समयबद्ध जांच और उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जांच किट की कमी होने पर शासन को तत्काल पत्र भेजने, सैंपल का समय पर नोटिफिकेशन करने तथा डीबीटी भुगतान में सुधार लाने पर जोर दिया। एक्स-रे जांच की कम संख्या पर नाराजगी व्यक्त करते हुए अप्रैल अंत तक 20 प्रतिशत वृद्धि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

घर-घर बनेगी आभा आईडी

आभा आईडी और आयुष्मान कार्ड की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने मितानिन और स्वास्थ्य विभाग की टीमों को घर-घर जाकर वंचित परिवारों की आभा आईडी बनाने के निर्देश दिए। लक्ष्य रखा गया कि मार्च तक 90 प्रतिशत परिवारों का कवरेज सुनिश्चित किया जाए।

मातृ-शिशु स्वास्थ्य पर विशेष फोकस

एएनसी पंजीकरण और संस्थागत प्रसव के बीच अंतर तथा पोर्टल एंट्री कम होने पर नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। यू-विन पोर्टल में कम एंट्री पर संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी करने के निर्देश भी दिए गए। मातृ एवं शिशु मृत्यु दर में कमी लाने के लिए अलर्ट मोड में कार्य करने, कर्मचारियों के प्रशिक्षण और प्रभावित परिवारों को परामर्श उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।

एनआरसी और अधोसंरचना सुधार

एनआरसी में शत-प्रतिशत ऑक्यूपेंसी सुनिश्चित करने और हितग्राहियों को समय पर भुगतान के निर्देश दिए गए। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों में प्री-बर्थ वेटिंग रूम स्थापित करने, नोडल अधिकारी नियुक्त करने तथा उनके मोबाइल नंबर सार्वजनिक करने को कहा गया। साथ ही भवनविहीन केंद्रों के लिए नए भवन, जर्जर भवनों की मरम्मत, बाउंड्रीवॉल, बोरवेल, हाई-मास्ट लाइट और आवश्यक उपकरणों के प्रस्ताव शीघ्र प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।

बैठक में मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी सहित स्वास्थ्य विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, खंड चिकित्सा अधिकारी, कार्यक्रम प्रबंधक एवं अन्य कर्मचारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा और जिले में बेहतर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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