नेपाल में सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर सरकार द्वारा लगाए गए बैन के खिलाफ युवाओं का गुस्सा अब चरम पर पहुंच गया है सोमवार को राजधानी काठमांडू सहित कई प्रमुख शहरों में हजारों की संख्या में प्रदर्शनकारी सड़कों पर उतर आए आंदोलन के दौरान हालात उस समय बेकाबू हो गए जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन में घुसकर गए पुलिस और सुरक्षाबलों के साथ झड़पें हुईं

नेपाल में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हुए झड़प में लगातार मौत के आंकड़े में इजाफा हो रहा है. अब मौत का आंकड़ा 10 पहुंच चुका है.
मिली जानकारी के अनुसार नेपाल प्रोटेस्ट में अब तक 10 लोगों की मौत की खबर है नेशनल ट्रॉमा सेंटर में 100 से अधिक लोग घायल बताया जा रहे है
संसद भवन के बाहर गोलीबारी जारी है अब तक 35 प्रदर्शनकारी गोली लगने से घायल हो गए हैं पोखरा और इटहरी में भी गोली चलने की खबर है पोखरा में गंडकी प्रदेश के मुख्यमंत्री के दफ्तर पर पथराव हुआ है
सरकार की चेतावनी प्रदर्शन की कीमत चुकानी पड़ेगी'
प्रधानमंत्री ओली ने आंदोलन को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए चेतावनी दी है कि प्रदर्शनकारियों को प्रदर्शन की कीमत चुकानी पड़ेगी उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था को बिगाड़ने की इजाजत किसी को नहीं दी जाएगी ओली सरकार का कहना है कि सोशल मीडिया कंपनियां तब तक नेपाल में सेवाएं नहीं दे सकतीं जब तक वे देश में अपना ऑफिस नहीं खोलतीं और आधिकारिक रूप से रजिस्ट्रेशन नहीं करातीं
अब तक किन-किन ऐप्स ने कराया रजिस्ट्रेशन
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक सिर्फ टिकटॉक, वाइबर, निम्बज, विटक और पोपो लाइव जैसी कंपनियों ने नेपाल के कंपनी रजिस्ट्रार कार्यालय में अपना पंजीकरण कराया है
