कोण्डागांव, 07 अप्रैल 2026 | शहर में लंबे इंतजार के बाद करोड़ों की लागत से बने भव्य नवीन बस स्टैंड का संचालन तो शुरू हो गया है, लेकिन व्यवस्थाओं की स्थिति अब भी चिंताजनक बनी हुई है। यात्रियों को जहां एक ओर बेहतर सुविधाओं की उम्मीद थी, वहीं जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है।
बस स्टैंड परिसर में सबसे ज्यादा खराब स्थिति शौचालयों की देखने को मिल रही है। साफ-सफाई के अभाव में शौचालय बदहाल हो चुके हैं। टॉयलेट की सीटें टूटकर जर्जर हो चुकी हैं और गंदगी की भरमार है। नियमित सफाई नहीं होने के कारण बेसिन चोक हो चुका है, जिससे गंदा पानी पूरे परिसर में पसरा हुआ है। बदबू और गंदगी के कारण यात्रियों, खासकर महिलाओं और बुजुर्गों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

इसके अलावा परिसर में पेयजल, बैठने की व्यवस्था और साफ-सफाई जैसी मूलभूत सुविधाएं भी अधूरी नजर आ रही हैं। करोड़ों की लागत से बने इस बस स्टैंड में बैठने के लिए मात्र तीन सीमेंट के बेंच ही उपलब्ध हैं। जिसके चलते यात्री जमीन पर बैठने को मजबूर है। वहीं सूत्रों के मुताबिक पूरे बस स्टैंड में पीने के पानी के लिए केवल एक पुराना वॉटर कूलर लगाया गया है, जो भीषण गर्मी और यात्रियों की भीड़ के हिसाब से पर्याप्त नहीं है। जगह-जगह कचरा फैला हुआ है और नियमित सफाई नहीं होने से स्थिति और बिगड़ती जा रही है।

स्थानीय लोगों और यात्रियों का कहना है कि प्रशासन ने बस स्टैंड तो शुरू कर दिया, लेकिन व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने पर ध्यान नहीं दिया गया। इस अव्यवस्था के चलते दूसरे राज्यों और जिलों से आने वाले लोगों की नजर में कोण्डागांव जिले की छवि भी धूमिल हो रही है। बस स्टैंड के संचालन को लेकर अब नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठने लगे हैं।

नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि शौचालयों की नियमित सफाई, पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था, बैठने की सुविधा में वृद्धि और पूरे परिसर की समुचित देखरेख सुनिश्चित की जाए, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
