कोरबा में श्रमिक सम्मेलन, 3110 हितग्राहियों को 1.23 करोड़ की सहायता

श्रमिकों के सम्मान और उनके सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से टीपी नगर स्थित राजीव गांधी ऑडिटोरियम में श्रमिक सम्मेलन का भव्य आयोजन किया गया। कार्यक्रम में छत्तीसगढ़ शासन के वाणिज्य, उद्योग, श्रम, आबकारी एवं सार्वजनिक उपक्रम मंत्री लखन लाल देवांगन मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।

सम्मेलन में श्रमिक कल्याण और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई तथा पात्र हितग्राहियों को विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत सहायता राशि वितरित की गई। इस अवसर पर महापौर संजू देवी राजपूत, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह, नगर निगम सभापति नूतन ठाकुर सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में श्रमिक उपस्थित रहे।

मंत्री लखन लाल देवांगन ने अपने संबोधन में कहा कि श्रमवीर प्रदेश की रीढ़ हैं। उनके खून-पसीने की मेहनत से ही औद्योगिक प्रगति और अधोसंरचना विकास संभव हो पाया है। उन्होंने कहा कि श्रमिकों का सशक्तिकरण ही समृद्ध और विकसित छत्तीसगढ़ की आधारशिला है।

उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में श्रमिकों एवं उनके परिवारों के लिए अनेक कल्याणकारी योजनाएँ संचालित की जा रही हैं। विगत दो वर्षों में लगभग 800 करोड़ रुपये की राशि डीबीटी के माध्यम से सीधे श्रमिकों के खातों में अंतरित की जा चुकी है।

सम्मेलन में छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल, असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल एवं श्रम कल्याण मंडल अंतर्गत संचालित योजनाओं के तहत 3110 श्रमिकों को कुल 1 करोड़ 23 लाख रुपये की सहायता राशि वितरित की गई। इसमें छात्रवृत्ति, नोनी सशक्तिकरण, महतारी जतन, सियान सहायता, मृत्यु एवं दिव्यांग सहायता सहित विभिन्न योजनाओं के हितग्राही लाभान्वित हुए।

मंत्री ने बताया कि श्रमिकों के बच्चों की शिक्षा को प्राथमिकता देते हुए मेरिट में आने पर 1 लाख रुपये की मेधावी छात्रवृत्ति तथा विदेश में अध्ययन हेतु 50 लाख रुपये तक की सहायता का प्रावधान है। उन्होंने श्रमिकों से अपने बच्चों को उच्च शिक्षा के लिए प्रेरित करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में स्टॉल के माध्यम से श्रमिकों का पंजीयन एवं नवीनीकरण किया गया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण और निःशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया, जिससे श्रमिकों को प्रत्यक्ष लाभ मिला।

सम्मेलन में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शासन की योजनाओं का अधिकतम लाभ उठाकर श्रमिक परिवार आर्थिक रूप से सशक्त बन सकते हैं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रमिकों की सहभागिता ने इसे सफल और सार्थक बनाया।

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