बजट 2026 से बड़ी उम्मीदें, टैक्स से लेकर किसान तक, कल हो सकते हैं 10 अहम ऐलान

देश की वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण रविवार को आम बजट 2026-27 पेश करेंगी। इस बजट पर देश के हर वर्ग की निगाहें टिकी हुई हैं। नौकरीपेशा, व्यापारी, किसान, वरिष्ठ नागरिक, निवेशक और मध्यम वर्ग सभी को इस बजट से राहत और नई सौगातों की उम्मीद है। माना जा रहा है कि यह बजट आर्थिक स्थिरता के साथ-साथ विकास को नई गति देने वाला हो सकता है।

सूत्रों के मुताबिक, वित्त मंत्री टैक्स स्लैब में राहत, बीमा और पेंशन योजनाओं में सुधार, किसानों के लिए नए प्रोत्साहन और निवेश को बढ़ावा देने वाले कई अहम फैसले ले सकती हैं। सरकार का फोकस रिफॉर्म, ग्रोथ और फिस्कल डिसिप्लिन पर रहेगा, ताकि विकसित भारत-2047 के लक्ष्य को मजबूती मिले।

टैक्सपेयर्स को मिल सकती है बड़ी राहत

बजट में आयकर स्लैब में बदलाव या स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ाने की घोषणा हो सकती है। इससे मध्यम वर्ग को सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। नई टैक्स व्यवस्था को और सरल व आकर्षक बनाने पर भी जोर दिया जा सकता है।

एनपीएस और बीमा में सुधार की संभावना

राष्ट्रीय पेंशन योजना (NPS) में टैक्स छूट की सीमा बढ़ाने और रिटायरमेंट के बाद बेहतर सुरक्षा देने के प्रावधान किए जा सकते हैं। इसके साथ ही हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर अतिरिक्त टैक्स छूट देकर आम लोगों को बीमा के दायरे में लाने की कोशिश हो सकती है।

सीनियर सिटीजन को मिल सकती है खास सौगात

वरिष्ठ नागरिकों के लिए टैक्स में राहत, ब्याज आय पर छूट और पेंशन योजनाओं में सुधार की उम्मीद जताई जा रही है। इससे बुजुर्गों की आर्थिक सुरक्षा और मजबूत हो सकती है।

किसानों के लिए नए ऐलान संभव

बजट में किसानों के लिए MSP, कृषि इंफ्रास्ट्रक्चर, सिंचाई और किसान क्रेडिट से जुड़ी योजनाओं को और सशक्त करने की घोषणा हो सकती है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर विशेष फोकस रहने की संभावना है।

सोना-चांदी और निवेशकों पर नजर

सोना-चांदी पर इंपोर्ट ड्यूटी या टैक्स में बदलाव की अटकलें भी लगाई जा रही हैं। इसके साथ ही म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और लॉन्ग टर्म निवेश को प्रोत्साहन देने वाले कदम उठाए जा सकते हैं।

कुल मिलाकर, बजट 2026-27 को लेकर उम्मीद है कि यह आम आदमी की जेब को राहत देने के साथ-साथ देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने वाला साबित होगा। अब सभी की निगाहें वित्त मंत्री के उस भाषण पर टिकी हैं, जिसमें देश के भविष्य की आर्थिक दिशा तय होगी।

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