मेक्सिको की सेना ने एक बड़े ऑपरेशन में देश के कुख्यात ड्रग माफिया सरगना एल मेंचो को मार गिराने का दावा किया है। रक्षा मंत्री रिकार्डो ट्रेविला के अनुसार उसकी लोकेशन का सुराग उसकी गर्लफ्रेंड से जुड़े एक करीबी व्यक्ति की निगरानी के दौरान मिला। सुरक्षा एजेंसियां लंबे समय से उसकी गतिविधियों पर नजर रखे हुए थीं।
अधिकारियों के मुताबिक खुफिया इनपुट के आधार पर सेना जालिस्को के पास एक सुरक्षित कंपाउंड तक पहुंची। महिला के वहां से निकलने के बाद सुरक्षा बलों को पुष्टि हो गई कि भारी सुरक्षा के बीच ‘एल मेंचो’ अंदर ही मौजूद है। इसके बाद पूरे इलाके की घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की गई।
20 राज्यों में भड़की हिंसा
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार माफिया सरगना की मौत के बाद उसके समर्थकों ने कम से कम 20 राज्यों में हिंसक घटनाओं को अंजाम दिया। कई स्थानों पर रोडब्लॉक लगाए गए, वाहनों और 20 से अधिक सरकारी बैंक शाखाओं में आगजनी की गई।
जालिस्को में हालात तनावपूर्ण बताए जा रहे हैं। यह शहर फीफा विश्व कप 2026 के मेजबान शहरों में शामिल है। अलग-अलग इलाकों में हुई झड़पों और हमलों में कम से कम 32 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जिनमें 25 सैनिक शामिल हैं।
भारी हथियार बरामद
सेना ने ऑपरेशन के दौरान बख्तरबंद गाड़ियां, रॉकेट लॉन्चर और अन्य आधुनिक हथियारों की बड़ी खेप जब्त की। कार्रवाई के दौरान ‘एल मेंचो’ घायल हो गया था। उसे हेलिकॉप्टर से मेक्सिको सिटी ले जाया जा रहा था, लेकिन रास्ते में उसने दम तोड़ दिया। इस मुठभेड़ में उसके आठ अन्य सहयोगी भी मारे गए।
रक्षा मंत्री ने बताया कि घेराबंदी के दौरान माफिया के वफादार बंदूकधारियों ने सेना पर फायरिंग की, जिसके जवाब में सुरक्षाबलों ने कार्रवाई की। घायल सरगना को उसके साथी जंगल की ओर ले गए थे, लेकिन सुरक्षा बलों ने व्यापक तलाशी अभियान चलाकर उसे पकड़ लिया।
इस कार्रवाई को मेक्सिको में ड्रग तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता माना जा रहा है, हालांकि इसके बाद भड़की हिंसा ने सुरक्षा व्यवस्था को चुनौती दी है।
